भागलपुर : धारा 370 के खात्मे पर संसद की मुहर के बाद इनके विरोधी स्‍वरों के भी अब तेवर नरम पड़ गए हैं। इस बाबत बुधवार को अंग उत्थान आंदोलन समिति,बिहार-झारखंड सह अंग मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष गौतम सुमन ने कहा कि धारा 370 हमारी समझ में एक विवादित और बडा़ मुद्दा था,इसलिए हमने इसका पुरजोर विरोध किया। लोगों के बीच अपनी बात रखी,लेकिन अब यह समाप्त होकर एक नया कानून बन गया है। ऐसे में अब यह पूरे देश का कानून हो गया। इसे हम भी स्वीकार करते हैं, आइए हम सभी इसे स्वीकार कर आगे बढ़ें और अब आगे की सोचें।
श्री सुमन ने कहा कि नए कानून का सबको पालन करना चाहिए। हम धारा 370 को हटाने के पक्ष में नहीं थे,ऐसी बात नहीं है बल्‍कि हम चाहते थे कि इस काम को सबके राय-परामर्श व विश्‍वास मत से और डेमोक्रेसी का सम्मान करके हो। हमने सोशल व प्रिंट मीडिया के समक्ष अपनी बात रखी। अब चूंकि संसद ने बहुमत से अपना निर्णय दे दिया और देश की जनता ने भी इसे स्वीकार कर लिया है और इसपर कानून बन गया तो हम भी उसका पालन करेंगे, क्योंकि देश व कानून से बड़ा कुछ भी नहीं है।

न्यूनतम साझा कार्यक्रम की जरूरत नहीं

अध्यक्ष श्री सुमन में यह भी स्पष्ट किया कि आज भाजपा के पास अपना स्पष्ट बहुमत है। इसलिए इसमें न्यूनतम साझा कार्यक्रम की कोई जरूरत नहीं है। आज भाजपा के पास अकेले ही 303 सांसद हैं,इसलिए वह जो चाहें करें,उनके लिए वह स्वतंत्र है  और  हम  उनके निर्णय व फैसले को  मानने के लिए मजबूर। असल बात यह है कि हमें राष्ट्रहित,  राज्यहित और अपने क्षेत्र हित में काम कर आगे बढ़ना चाहिए।


फोटो : गौतम सुमन
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