जस्टिस हरीश चंद्र मिश्रा को झारखंड हाईकोर्ट का नया कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है. कानून मंत्रालय ने इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी है. जस्टिस हरीश चंद्र मिश्रा झारखंड हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश हैं. कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश प्रशांत कुमार के निधन के बाद उन्हें इस पद पर नियुक्त किया गया. प्रशांत कुमार का लंबी बीमारी के बाद आज रांची में निधन हो गया. वह 61 साल के थे.
जस्टिस प्रशांत कुमार का लंबी बीमारी के बाद निधन
जस्टिस प्रशांत कुमार किडनी की बीमारी से जुझ रहे थे. पिछले कुछ दिनों से वे राजधानी के मेडिका अस्पताल में भर्ती थे. अस्पताल में ही सुबह पांच बजे उन्होंने अंतिम सांसें लीं. वहां से उनके पार्थिव शरीर को डोरंडा स्थित आवास पर लाया गया. यहां सीएम रघुवर दास, केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा समेत न्यायपालिका से जुड़े लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की. उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि के लिए झारखंड हाईकोर्ट में भी रखा गया.
7 जून को बने थे कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश
न्यायाधीश प्रशांत कुमार इसी साल 10 मई को इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्थानांतरित होकर झारखंड हाईकोर्ट आए थे. यहां 7 जून को उन्हें कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बनाया गया था.
यूपी के बलिया के रहने वाले प्रशांत कुमार का जन्म 1 जुलाई 1958 को हुआ था. उन्होंने बिशेश्वर सेमिनरी स्कूल, छपरा से स्कूली शिक्षा प्राप्त की. बीएससी की पढ़ाई उदय प्रताप सिंह डिग्री कॉलेज, वाराणसी से की. इसके बाद एलएलबी की डिग्री हरिश्चंद्र लॉ कॉलेज, वाराणसी से हासिल की.
1980 से वकालत शुरू की थी
बिहार स्टेट बार काउंसिल के साथ वे 01 अक्टूबर 1980 को वकील के रूप में जुड़े. जिसके बाद पटना हाईकोर्ट के रांची बेंच में 1980 से लेकर 1991 तक संवैधानिक और सेवाओं से जुड़े मामले को देखते रहे. 6 मई 1991 को प्रशांत कुमार की एडीजे के तौर पर नियुक्ति हुई. इसके बाद उन्हें जून 2001 में जिला जज के रूप में प्रोन्नति मिली. 21 जनवरी 2009 को वे झारखंड हाईकोर्ट में अतिरिक्त जज के रूप में पदस्थापित हुए.



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