बासुकीनाथ । जरमुंडी विधानसभा क्षेत्र से स्वतंत्र, युवा, क्रांतिकारी नेता विकास कुमार यादव उर्फ वी के यादव ने कहा कि महिलाएं लक्ष्मी,काली, दुर्गा, सरस्वती का स्वरूप होती है और भाजपा सरकार ने बीते दिनों उन्हीं देवी स्वरूप आंगनबाड़ी सेविका जो अपनी विभिन्न जायज मांगो को लेकर पिछले 40 दिनों से राजभवन रांची के समक्ष शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन कर रही थी,सरकार ने संज्ञान नही ली तो करीब सप्ताह भर से आमरण अनशन पर बैठी हुई थी,बावजूद भी सरकार के कानों में जूं तक नही पहुंची तब राज्य सरकार का घेराव करने सेविकाएं मुख्यमंत्री आवास की ओर जा रही थी, इतने में सरकार के जेंट्स पुलिस कर्मियों ने सेविकाओं पर बेरहमी से लाठीचार्ज करना प्रारंभ कर दिया,जो मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है ।वहीं हमारा मानना है कि यदि सरकार के निगाह में राज्य भर की सेविकाएं कानून के विरुद्ध काम कर रही थी तो क्या सरकार के पास महिला पुलिसकर्मी नही थी ?क्या अधिकार है जेंट्स पुलिस को महिला पर लाठीचार्ज करने की ?राज्य सरकार को इसका जवाब देना चाहिए ।रघुवर सरकार कान खोलकर सुन लें,राज्य की सेविकाएं एक-एक जनता से जुड़ी हुई होती है, अब तक तो सेविकाएं सरकार के विरुद्ध किसी तरह का दुष्प्रचार करने का काम नहीं की थी, लेकिन अब जिस तरह सरकार सेविका को यातनाएं दे रही है, निश्चित रूप से अपनी पीड़ा से राज्य की जनता को अवगत कराने का काम करेगी और चुनाव में निश्चित रूप से भाजपा का वहिष्कार करने का काम करेगी ।ऐसे में हमें लगता है कि आगामी विधानसभा चुनाव में रघुवर सरकार का "राम नाम सत्य होना तो तय है"।राज्य भर के पारा शिक्षक साथी पूर्व से ही भुक्तभोगी हैं और अब उन्हें आंगनबाड़ी सेविका का भी साथ मिलना तय माना जा सकता है,वहीं रघुवर सरकार को औकात में लाने के लिए उक्त दोनों ही मानदेय कर्मी पर्याप्त है ।रघुवर सरकार को यदि थोड़ी सी भी ज्ञान की कोई चीज है, तो उन्हें समझना चाहिए कि राज्य की आंगनबाड़ी सेविका के ऊपर काम का कितना अधिक प्रेसर है ?बावजूद भी उन्हें सम्मानजनक मानदेय न दिया जाना काफी दुर्भाग्यपूर्ण बात है ।अतःअपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन करने वालों के ऊपर इस तरह से प्रहार करने का काम कोई मूर्ख मंत्री ही कर सकता है और वैसे मूर्ख को राज्य सत्ता के कुर्सी पर बैठे रहने का कोई औचित्य ही नहीं है । सधन्यवाद ।
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