रांची। रांची के नगड़ी में युवक को जिंदा जलाकर मार डालने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। चार दिनों से लापता रुस्तम अंसारी (42 वर्ष) का जला हुआ शव एड़चोरो गांव के फुटबॉल मैदान के समीप स्थित झोपड़ी से मिला है। उसे जिंदा जलाकर मार डाला गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जिंदा जलाने (एंटीमॉर्टम बर्न) के सबूत मिले हैं।
पुलिस आशंका जता रही है कि रुस्तम को उसके किसी परिचित ने ही जिंदा जलाकर मारा हो। रुस्तम आपराधिक प्रवृत्ति का था। उसके खिलाफ डकैती, लूट, चोरी सहित कई मामले नगड़ी, लोहरदगा, ओरमांझी सहित अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। वह कई बार जेल भी जा चुका था। इधर, रुस्तम की हत्या के विरोध में परिजन और स्थानीय ग्रामीण आक्रोशित हो गए। लोगों ने घंटों हंगामा किया। पुलिस-प्रशासन द्वारा समझाए जाने पर उनका गुस्सा शांत हुआ। हालांकि, ग्रामीणों ने 24 घंटे के भीतर इस हत्याकांड के दोषियों को गिरफ्तारी का अल्टीमेटम भी दिया है। गिरफ्तारी नहीं होने पर रांची-गुमला मार्ग को जाम करने की चेतावनी दी है।
पुलिस के अनुसार रुस्तम बीते 23 अक्टूबर को ओरमांझी के एक युवक से बातचीत के बाद घर से निकला था। इसके बाद वह नहीं लौटा। पुलिस को उसके मोबाइल की सीडीआर (कॉल डिटेल रिपोर्ट) से पता चला है कि ओरमांझी के किसी युवक से उसने बातचीत की है। दूसरे दिन नहीं लौटने पर पत्नी सलमा खातून व अन्य परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद 26 अक्टूबर को नगड़ी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
गैस सिलिंडर से मिली लाश की जानकारी
ग्रामीणों ने एड़चोरो कब्रिस्तान के निकट एक कुएं में एक छोटा सिलिंडर डूबा हुआ देखा। कुंआ उस झोपड़ी से करीब 100 मीटर की दूरी पर है। सिलिंडर मिलने पर लोगों को लगा कि रुस्तम का शव कुएं में होगा। इससे लोगों ने पूरे कुएं को छान मारा, लेकिन शव नहीं मिला। कुछ देर के बाद परिजन व ग्रामीण फुटबॉल मैदान के समीप की झोपड़ी पर पहुंचे, तो वहां से काफी बदबू आ रही थी। लोग कमरे तक पहुंचे, तो देखा कि रुस्तम का काफी जला हुआ शव जकड़ा हुआ पड़ा था। मामले की सूचना पर नगड़ी थानेदार संतोष पांडेय सहित अन्य अधिकारी पहुंचे और घटना की छानबीन की। हालांकि, अपराधियों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। मौके पर फॉरेंसिक व डॉग स्क्वॉड की टीम भी पहुंची। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ने मौके से फिंगर प्रिंट सैंपल भी इक_े किए हैं।
शव उठाने नहीं दे रहे थे ग्रामीण
हत्या से आक्रोशित ग्रामीण शव नहीं उठाने दे रहे थे। लोगों ने पुलिस प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए काफी हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ता देख मामले की सूचना मुख्यालय को दी गई। इसके बाद मौके पर रांची के ग्रामीण एसपी ऋषभ कुमार झा और डीएसपी हरिश्चंद्र सिंह पहुंचे और ग्रामीणों के साथ बात की। बाद में स्थानीय बुद्धिजीवियों की पहल और प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीण माने और शव उठाने दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।



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