गुमला. भारत-पाकिस्तान (India_Pakistan) की सीमा पीओके (PoK) पर पाकिस्तान की ओर से की गई सीजफायर उल्लंघन (Ceasefire violation) में भारत का एक जवान संतोष गोप शहीद (Santosh Gope Martyred) हो गया. वह गुमला (Gumla) जिले का निवासी था. इस घटना की सूचना मिलने के बाद पूरे जिले में मातम का माहौल है. परिवार के लोगों को अपने लाल को खोने का गम सता रहा है, लेकिन इस बात पर गौरव भी है कि उनके घर का लाल भारत माता की सुरक्षा में अपनी जान की कुर्बानी दे दी.
गुमला जिला के बसिया प्रखंड का ममरला गांव आज अपने वीर बेटे संतोष गोप की शहादत के कारण इतिहास के पन्नो में अंकित हो गया. इस गांव को भले ही पहले लोग नहीं जानते थे, लेकिन संतोष गोप की शहादत को याद कर पूरा देश इस गांव को जान पाएगा. भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए 2012 में रांची में परीक्षा पास करने के बाद संतोष गोप की पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर में हुई थी. कल शनिवार 12 अक्टूबर की रात में पाकिस्तान की ओर से सीजफायर का उल्लंघन करते हुई गोलीबारी में भारत का लाल संतोष गोप शहीद हो गया.
अस्पताल में चिकित्सकों ने संतोष की जान बचाने की काफी कोशिश की
इसकी जानकारी परिवार के लोगों को रात में ही मिल गई थी. संतोष के चचेरे भाई निलेश्वर गोप की माने तो उन्हें रात में ही भाई की शहादत की सूचना मिल गई थी. उन्हें बताया गया कि संतोष के घायल होने के बाद उसे अस्पताल में ले जाकर बचाने की कोशिश हुई, लेकिन उसे चिकित्सक नहीं बचा पाए. वहीं संतोष की माँ की माने तो बेटा नौकरी में जाने के बाद काफी खुश था. उसने गुमला शहर में घर के निर्माण के लिए जमीन भी खरीदी, जिसपर निर्माण कार्य चल रहा है. उनका बेटा जून में जब घर आया था तब उसने शादी के लिए लड़की ढूढ़ने की बात कही थी. इसके लिए परिवार के लोग तैयारी भी कर रहे थे, लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था.



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