रांची. भाजपा के खिलाफ मजबूत गठबंधन बनाने में कोताही बरतने का जेएमएम (JMM) और कांग्रेस (Congress) पर आरोप लगाते हुए सीपीआई (CPI) ने 16 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है. सीपीआई के राज्य सचिव भुवनेश्वर मेहता ने कहा कि सिर्फ दो दलों के नेता बैठकर महागठबंधन (Grand Alliance) का स्वरूप तय नहीं कर सकते, पर अभी तक यही हो रहा है. 25 जुलाई के बाद कोई बैठक नहीं होने का आरोप लगाते हुए सीपीआई राज्य सचिव ने कहा कि उस वक्त सीपीआई ने 6 विधानसभा सीटों की सूची हेमंत सोरेन को सौंपी थी, पर अब वामदलों को महज 5 सीट देने की बात कही जा रही है, जो मंजूर नहीं है.
महागठबंधन के लिए खुला है रास्ता
महागठबंधन बनाने के लिए रास्ता बचे होने की बात कहते हुए सीपीआई नेता ने कहा कि अगर बैठक होती है, तो सीपीआई शामिल होगी, पर सम्मानजनक सीट से कम सीपीआई को मंजूर नहीं होगा. सीपीआई ने आज जिन विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार खड़ा करने की घोषणा की है, उसमें छतरपुर, सिमरिया, बड़कागांव, भवनाथपुर, रामगढ, बेरमो, मांडू, डुमरी, नाला, बोरियो, कांके, सारठ, जरमुंडी, बरकट्ठा, हजारीबाग और बहरागोड़ा या घाटशिला सीट शामिल हैं.
जेएमएम और कांग्रेस में सीट शेयरिंग को लेकर पेंच
उधर, जेएमएम और कांग्रेस में सीट शेयरिंग को लेकर पेच फंस गया है. कांग्रेस 30 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, जबकि जेएमएम 28 से ज्यादा देने को तैयार नहीं है. बता दें कि महागठबंधन के तहत जेएमएम को 41 से 44, कांग्रेस को 27 से 30, आरजेडी को 5 से 7 और वामदलों को 5 सीट देने पर विचार चल रहा है. जबकि जेवीएम ने अकेले चुनाव लड़ने का घोषणा कर दी है.



Post A Comment:
0 comments so far,add yours