झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में जूनियर डॉक्टर  हड़ताल पर चले गये हैं. आज सुबह से ही जूनियर डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवा छोड़कर बाकी कार्यों का बहिष्कार कर रखा है. इससे रिम्स में व्यवस्था बेपटरी नजर आ रही है.

अस्पताल के इंडोर में भर्ती मरीजों को देखने वाला कोई नहीं है. हालांकि नर्सें पहले से दी गई चिकित्सकीय सलाह के अनुसार रोगियों को दवाएं दे रही हैं. जूनियर डॉक्टरों की इस हड़ताल से रोगी और उनके परिजन सहमे हुए हैं.

रिम्स जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष अजित कुमार का कहना है कि आए दिन रिम्स में जूनियर डॉक्टरों के साथ मारपीट की जाती है. नर्सों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है. उनके मुताबिक ऐसा कुछ एक मरीज के परिजन करते हैं. सोमवार को एक जूनियर डॉक्टर का कॉलर पकड़ा गया और दुर्व्यवहार किया गया. जबतक सरकारी हमारी सुरक्षा संबंधी मांग नहीं मान लेती, हड़ताल जारी रहेगी.

दरअसल सोमवार को बोकारो के एक मरीज के परिजनों से जूनियर डॉक्टरों की हल्की झड़प हो गई थी. उसके बाद जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल निदेशक से इस सिलसिले में शिकायत की और आज हड़ताल पर चले गये हैं. हालांकि इस हड़ताल से इमरजेंसी सेवा को अलग रखा गया है. रिम्स में करीब सात सौ जूनियर डॉक्टर हैं, जो कार्य बहिष्कार पर हैं.
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