झारखंड के सीएम रघुवर दास ने शनिवार को रामगढ़ के रजरप्पा मैदान में दो दिवसीय रजरप्पा महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया. रजरप्पा महोत्सव में सीएम के साथ पेयजल मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी,
सहित जिला के तमाम अधिकारी मौजूद थे. इस अवसर पर सीएम ने 81 करोड़ 30 लाख की लागत से 66 योजनाओं का शिलान्यास किया. जहां पथ निर्माण, पेयजल, स्वच्छता समेत कई विभागों की योजनाओं का शिलान्यास किया गया वहीं 239 योजनाओं का शुभ उद्घाटन भी किया गया.
महोत्सव का उद्घाटन करने के बाद सीएम ने मंच से कहा कि रजरप्पा महोत्सव न रामगढ़ का और न ही राज्य का बल्कि यह देश - विदेश का महोत्सव है. सीएम ने कहां कि 2022 तक झारखंड से गरीबी को मिटाना है. कोई भी वीपीएल में न हो, किसी को भी राशन के दुकान से 25 किलो अनाज की आवश्यकता न हो और सभी लोगों के पास रोजगार हो, इस सपने को हर हाल में 2022 तक पूरा कर लेना है. सीएम ने यह भी कहा कि झारखंड में किसी चीज की कमी नहीं है. झारखंड आनेवाले समय में पर्यटन क्षेत्र के रूप में जाना जाएगा.
सीएम ने कहा कि जिस तरह से जम्मू को माता वैष्णव देवी के नाम से जाना जाता है, उसी तरह माता रजरप्पा के नाम से रामगढ़ को जाना जाएगा. सीएम ने कहा कि पहले फेज में दो सौ करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और दूसरे फेज में डेढ़ सौ करोड़ खर्च किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि इसके लिए डीपीआर तैयार किया जा चुका है. सीएम ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा दिए जाने से रोजगार बढ़ेंगे. इसी क्रम में सीएम ने कहा कि चतरा के ईटखोरी में चीन से भी बड़ा भगवान बुद्ध का स्तूप बनेगा. झारखंड के रामगढ़ को लोग कोयला खदान के रूप में जानते हैं. लेकिन अब झारखंड की पहचान पर्यटन क्षेत्र के रूप में भी बनेगी.
सीएम ने कहा कि महिलाओं के उपयोग में आने वाला नैपकिन अब हमारे झारखंड में संस्था की महिलाएं बनाएंगी. वहीं झारखंड के पेयजल मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने सीएम से महोत्सव के मंच के माध्यम से कहा कि रामगढ़ में मेडिकल कॉलेज होना चाहिए. साथ ही उन्होंने रामगढ़ वासियों से कहा कि जिस तरह रामगढ़ को लोग ओडीएफ के रूप में जानते हैं, उसी तरह अब रामगढ़ को प्रदूषण से भी मुक्त करने के संकल्प लेना है.
सहित जिला के तमाम अधिकारी मौजूद थे. इस अवसर पर सीएम ने 81 करोड़ 30 लाख की लागत से 66 योजनाओं का शिलान्यास किया. जहां पथ निर्माण, पेयजल, स्वच्छता समेत कई विभागों की योजनाओं का शिलान्यास किया गया वहीं 239 योजनाओं का शुभ उद्घाटन भी किया गया.
महोत्सव का उद्घाटन करने के बाद सीएम ने मंच से कहा कि रजरप्पा महोत्सव न रामगढ़ का और न ही राज्य का बल्कि यह देश - विदेश का महोत्सव है. सीएम ने कहां कि 2022 तक झारखंड से गरीबी को मिटाना है. कोई भी वीपीएल में न हो, किसी को भी राशन के दुकान से 25 किलो अनाज की आवश्यकता न हो और सभी लोगों के पास रोजगार हो, इस सपने को हर हाल में 2022 तक पूरा कर लेना है. सीएम ने यह भी कहा कि झारखंड में किसी चीज की कमी नहीं है. झारखंड आनेवाले समय में पर्यटन क्षेत्र के रूप में जाना जाएगा.
सीएम ने कहा कि जिस तरह से जम्मू को माता वैष्णव देवी के नाम से जाना जाता है, उसी तरह माता रजरप्पा के नाम से रामगढ़ को जाना जाएगा. सीएम ने कहा कि पहले फेज में दो सौ करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और दूसरे फेज में डेढ़ सौ करोड़ खर्च किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि इसके लिए डीपीआर तैयार किया जा चुका है. सीएम ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा दिए जाने से रोजगार बढ़ेंगे. इसी क्रम में सीएम ने कहा कि चतरा के ईटखोरी में चीन से भी बड़ा भगवान बुद्ध का स्तूप बनेगा. झारखंड के रामगढ़ को लोग कोयला खदान के रूप में जानते हैं. लेकिन अब झारखंड की पहचान पर्यटन क्षेत्र के रूप में भी बनेगी.



Post A Comment:
0 comments so far,add yours