चारा घोटाले से जुड़े कांड संख्या आरसी 38 ए 96 की वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई हुई.
दुमका कोषागार से जुड़े इस मामले की सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद समेत होटवार जेल में बंद तमाम आरोपी सीबीआई की विशेष अदालत में पेश हुए. पेशी के दौरान बचाव पक्ष की ओर लीगल प्वाईंट पर बहस की गयी.
पेशी के दौरान जहां लालू प्रसाद वकील की भूमिका में नजर आये, वहीं दूसरे आरोपियों के अधिवक्ताओं ने भी सीबीआई जांच के तौर तरीके को लेकर सवाल उठाये. आरोपियों ने मांग की कि आईओ और जांच से जुड़े सीबीआई अधिकारियों पर सेपेरेशन ऑफ फेक्ट्स का मामला आईपीसी के धारा 218, 219 के तहत दर्ज कर चलना चाहिए.
सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद ने लीगल प्वाईंट पर खुद बहस की और कोर्ट से कहा कि इस बार की होली तो जेल में मन रही है, हुजूर इस मामले में जल्द फैसला दे दें. लालू प्रसाद ने बहस के दौरान तत्कालीन एजी टीएन चतुर्वेदी की भूमिका पर भी सवाल उठाये.
चारा घोटाले से जुड़े इस मामले की अगली सुनवाई 5 मार्च को रखी गयी है, जिसमें लालू प्रसाद और अन्य आरोपियों की ओर से लीगल प्वाईंट पर अपना पक्ष रखा जायेगा. गौरतलब है कि इस मामले में लालू प्रसाद, आर के राणी, महेश प्रसाद समेत कई राजनेता, ब्यूरोक्रेट और सप्लायर आरोपी हैं.



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