सचिवालय सेवा संघ के लोगों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के विरोध में सड़क पर आ खड़े हुए. संघ के लोगों का कहना है कि सरकार उनकी मांगें नहीं मान रही, लिहाजा वे क्रमवार आंदोलन करने को बाध्य हैं, जिसका आगाज आज के प्रदर्शन से हो गया है.
राज्य मुख्यालय, जहां से राज्य की नीतियां बनती और लागू होती हैं, उस व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सचिवालयकर्मी आंदोलन को मजबूर हैं। उन्होंने प्रोजेक्ट भवन के मुख्य द्वार पर एक मानव श्रृखंला बनाकर सरकार को चेताया. मानव श्रृंखला ही नहीं सरकार के सामने काला बैलून उड़ा कर स्पष्ट रूप से बड़े क्षोभ का प्रदर्शन किया. दरअसल सचिवालय संवर्ग के कर्मियों को यह शिकायत है कि उन्हें केंद्र सरकार के अनुरूप भत्ता नहीं दिया जा रहा. इसके अलावा प्रोन्नति का भी मामला पेंडिंग है.
सचिवालय सेवा संवर्ग में लगभग 2300 पद हैं. आज की तारीख में लगभग 1800 लोग इन पदों पर कार्यरत हैं. मानव श्रृखंला में सचिवायल सेवा संवर्ग के नये-पुराने सभी कर्मी शामिल हुए. सभी ने सरकार पर वादाखिलाफी और उपेक्षा का आरोप लगाया. लगभग डेढ़ घंटे तक सचिवालयकर्मी कामकाज छोड़कर सड़कों पर डटे रहे. इनलोगों ने चेतावनी दी है कि सरकार अगर हठधर्मिता अपनाई तो चरणबद्ध आंदोलन की रुपरेखा तैयार है.



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