अगरतला/शिलांग I पूर्वोत्तर के तीन राज्यों मेघालय, नगालैंड और त्रिपुरा में आज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना होगी. एग्जिट पोल की मानें तो इन तीनों राज्यों में इस बार बीजेपी एक बड़ी ताकत के रूप में उभरेगी. शनिवार को मतगणना सुबह आठ बजे शुरू हो जाएगी. दो एग्जिट पोल में यह कहा गया है कि त्रिपुरा में बीजेपी सत्तासीन होगी, जहां पिछले 25 साल से वाम मोर्चे की सरकार है.
गौरतलब है कि त्रिपुरा में 18 फरवरी को मतदान हुआ था, जबकि नगालैंड और मेघालय में 27 फरवरी को वोट डाले गए थे. इन तीन राज्यों में विधानसभा की 60-60 सीटें हैं, लेकिन किसी ना किसी कारण से तीनों में 59-59 सीटों पर मतदान हुआ.
क्या त्रिपुरा में बचेगा लेफ्ट का किला?
मेघालय, त्रिपुरा और नगालैंड में हुए विधानसभा चुनावों से बीजेपी ने बहुत उम्मीदें लगा रखी हैं, लेकिन सबसे ज्यादा इंतजार त्रिपुरा के नतीजों का है. लोग देखना चाहते हैं कि बीजेपी 25 साल से सत्ता में बरकरार कम्युनिस्ट शासन को उखाड़ पाती है या नहीं.
उत्तर पूर्व के राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे शेष भारत के लिए इतने महत्त्वूपर्ण कभी नहीं रहे, लेकिन बीजेपी की इन चुनावों में लगी ताकत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरों ने इसे बहुत खास बना दिया है. त्रिपुरा में बीजेपी गठबंधन करके चुनाव लड़ी है तो नगालैंड में बीजेपी एक सीट से 31 सीट तक पहुंचने का सपना देख रही है.
सबसे बड़ी लड़ाई त्रिपुरा में है. लगातार 25 वर्ष से राज कर रही सीपीएम के लिए यह जमीन बचाने की लड़ाई है तो बीजेपी के लिए शून्य से सत्ता में पहुंचने की लड़ाई है.
त्रिपुरा में वर्ष 1993 से ही मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चा की सरकार रही है, लेकिन दो एग्जिट पोल में इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने का अनुमान लगाया गया है. मतगणना से पहले हालांकि माकपा और बीजेपी दोनों ने दावा किया है कि उसकी सरकार बनने जा रही है. किसके दावे में दम था, यह शनिवार को दोपहर बाद से स्पष्ट होने लगेगा.
वर्ष 2013 के चुनाव में भाजपा ने त्रिपुरा में 50 उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 49 की जमानत जब्त हो गई थी. मात्र 1.87 फीसदी वोट मिलने के कारण यह पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई थी. वहीं माकपा को 49 में से 55 सीटें मिली थीं. कांग्रेस 48 सीटों पर लड़ी थी और उसे 10 सीटों से संतोष करना पड़ा था.
त्रिपुरा में पिछले चुनाव का समीकरण
पार्टी सीटें वोट प्रतिशत
CPM 49 48.1%
INC 10 36.5%
CPI 1 1.57 %
BJP 0 1.54 %
मतलब डेढ़ फीसदी के पुराने वोट के साथ बीजेपी 48 फीसद वोट वाले सीपीएम को उखाड़ने चली है, लेकिन अगर ऐसा हुआ तो यह वाकई चमत्कार होगा.
मेघालय में पिछले चुनाव का समीकरण
पार्टी सीटें वोट प्रतिशत
INC 29 34.78%
UDP 8 17.11%
HSPDP 4 4.17%
NPP 2 8.81%
NCP 2 1.84%
BJP 0 1.27%
मतलब मेघालय में भी बीजेपी को शून्य से आगे अपना खाता खोलना है. प्रधानमंत्री के लिए नगालैंड हाल के दिनों का सबसे बड़ा आकर्षण है.
मेघालय में इस बार 84 फीसदी मतदान हुआ. सत्तारूढ़ कांग्रेस के अलावा भाजपा, नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और नवगठित पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट मुकाबले में थी. वर्ष 2013 के चुनाव में भाजपा ने इस राज्य में 13 उम्मीदवार उतारे थे, मगर कोई जीत न सका था. एनपीपी को 32 में से मात्र दो सीटें मिली थीं.
नगालैंड में पिछले चुनाव का हिसाब
पार्टी सीटें वोट प्रतिशत
NPF 38 47.04%
INC 8 24.89%
NCP 4 6.05%
BJP 1 1.75%
JDU 1 1.6%
इस लिहाज से देखिए तो नगालैंड में बाकी के दोनों राज्यों के मुकाबले बीजेपी की उपस्थिति बेहतर है. लेकिन क्या इस बेहतर को वो विजयी आंकड़े में बदल सकती है. इस सवाल से जवाब के बीच अब बस एक रात का इंतजार है. नगालैंड में भाजपा इस बार नवगठित नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) के साथ गठबंधन कर चुनावी अखाड़े में उतरी. दोनों ने क्रमश: 20 और 40 सीटों पर उम्मीदवार उतारे. सीवी वोटर के सर्वे में भाजपा-एनडीपीपी गठबंधन की सरकार बनने के आसार बताए गए हैं.



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