रांची  I झारखंड में नगर निकाय चुनाव हो रहा है. सबसे रोचक चुनाव रांची नगर निगम को लेकर है. रांची नगर निगम के मेयर और डिप्टी मेयर के कामकाज और इनके संबंधों को लेकर चर्चा हो रही है क्योंकि भाजपा की ओर से दोनों इस बार प्रत्याशी हैं. लिहाजा, पार्टी बैनर का नफा-नुकसान और इनके काम की समीक्षा भी लोग करेंगे. शहर के लोग इन दोनों के कामकाज को तारीफे काबिल नहीं कह रहे हैं.

झारखंड में 34 नगर निकाय क्षेत्र के लिए चुनाव हो रहा है. इनमें से रांची नगर निगम का भी चुनाव होना है. मेयर और डिप्टी मेयर के पद को लेकर भाजपा के अलावा आजसू, झारखंड मुक्ति मोर्चा, झाविमो ने अपने-अपने प्रत्याशी खड़े किए हैं. कांग्रेस के घोषित उम्मीदवार का आवश्यक कागजात के अभाव में पार्टी की मान्यता नहीं मिल पाई है. निवर्तमान मेयर आशा लकड़ा और डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय चुनाव मैदान में फिर हैं. इनके कार्यकाल में सिवरेज, ड्रेनेज का काम शुरू हुआ. स्वच्छता अभियान को प्रमुखता दी गई. स्मार्ट सिटी के दायरे में रांची आई. कचरा उठाव और निस्तारण का काम होने लगा. पेयजल की समस्या का समाधान नहीं हो पाया.

आशा लकड़ा ने अपने कार्यकाल में इन कामों के दावे किए -

* राजीव आवास योजना के तहत 1565 आवास बनाए गये ।


* शहर में चौक चौराहों के किनारे 85 माड्यूलर टायलेट बनाए गए.
* इस्लामनगर में 444 आवास के निर्माण का काम शुरू हुआ.
* पेयजल के लिए 938 हैंडपंप, 721 एचवाईडीटी लगाए गए.
* 15 करोड़ रुपये की लागत से बिरसा मुंडा बस टर्मिनल बनाए गए.
* BSUP के तहत 1754 आवास बनाए गए.
* 76 करोड़ रुपये की लागत से 81 सड़कों का कालीकरण कराया गया.

आशा लकड़ा के दावों की समीक्षा यहां की लगभग 8 लाख 36 हजार जनता करेगी. नागरिक सुविधा देने में आशा लकड़ा और और संजीव विजयवर्गीय के काम का भौतिक परीक्षण भी होगा . भाजपा प्रत्याशी के संदर्भ में शहर के लोगों का कहना है कि दोनों के कार्यकाल में अपेक्षित काम नहीं हो सका. इस बार पार्टी के बैनर तले चुनाव हो रहा है. लिहाजा, इनके कामकाज और पार्टी की छवि का नफा-नुकसान हो सकता है. आशा लकड़ा कहती हैं कि पेयजल समस्या वास्तव में गंभीर समस्या है. साथ ही डिप्टी मेयर के साथ विवाद को वे जनता के मुद्दे को लेकर मानती हैं.

रांची नगर निगम के मेयर पद के लिए आशा लकड़ा समेत पांच प्रत्याशी हैं. भाजपा से आशा लकड़ा, आजसू से कुसुम रंजीता सिंह मुंडा, झारखंड विकास मोर्चा से शिवा कुमार कच्छप, झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से वर्षा गाड़ी और कांग्रेस की ओर से अजय तिर्की (अब स्वतंत्र प्रत्याशी ) चुनाव मैदान में हैं. निवर्तमान डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय कहते हैं कि विवाद कोई खास नहीं था लेकिन आगे से नहीं होगा.

चुनाव पार्टी आधार पर होने के कारण सभी दल अपने-अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए ताकत लगाएंगे. भाजपा का शहरी क्षेत्र में प्रभाव है. फिर भी भाजपा के दोनों प्रत्याशियों के कामकाज का भी जनता मूल्यांकन करेगी. ऐसे में मुकाबला रोचक हो सकता है.
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