पाकुड़ I झारखंड के पाकुड़ जिले के पाकुड़िया में जेएसएलपीएस ब्लॉक परिसर में आयोजित प्रखंड में उपायुक्त दिलीप कुमार झा ने आजीविका महासंघ का फीता काटकर कर उद्घाटन किया.  इससे पूर्व अतिथियों का स्वागत सखी मंडल की दीदियों ने पारंपरिक आदिवासी रीति रिवाज के साथ किया. महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने की सरकार की नई पहल है.  कार्यक्रम में उपस्थित सखी मंडल की दीदियों ने अपने अनुभव को सभी के समक्ष रखते हुए कहा कि जेएसएलपीएस संस्था से जुड़ने के बाद हमें आत्मनिर्भर बनने का मौका मिला और आज संगठन की हजारों महिलाएं भी इससे जुड़कर स्वावलम्बी बन रही हैं.

उपायुक्त दिलीप कु झा ने अपने संबोधन में कहा कि मानव जब जोर लगाता है, पत्थर भी पानी बन जाता है. जब आधी आबादी खुशहाल होगी तभी समाज और देश खुशहाल होगा. अब गांव की ज्यादातर विकास योजनाओं में सखी मंडल की सीधी भागीदारी सुनिश्चित होगी.

बच्चों की स्कूल ड्रेस अब समूह की महिलाएं ही सिलकर देंगी और मुर्गी पालन कर उसके अंडे मिड डे मील के लिए स्कूलों में देंगी. वहीं समूह की महिलाओं को पारा मेडिकल कोर्स करवाकर छोटे मोटे इलाज का भी प्रशिक्षण दिलाया जाएगा.

समूह की महिलाएं दुग्ध उत्पादन हेतु आगे आएं इसके लिए पशु हेतु ऋण दिलाना और दुग्ध हेतु बाजार दिलाना हमारी जिम्मेवारी होगी. वहीं उप विकास आयुक्त सुनील कुमार सिंह ने कहा कि सखी मंडल का गठन एक क्रांतिकारी कदम है. समूह की महिलाओं के कारण आज गांव बदल रहा है. महाजनी प्रथा खत्म हुई है. अपने उत्साह को इसी तरह बनाये रखें.
प्रबंधक फैज आलम ने कहा कि आज संथाल परगना का यह पहला आजीविका महासंघ है जिसका उद्घाटन उपायुक्त द्वारा किया गया है. इसमे 1266 सखी मंडल, 97 ग्राम संगठन, और 4 संकुल संघ शामिल हैं. महासंघ का उद्देश्य गरीब परिवारों को ग्राम संगठन से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है.
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