धनबाद रेलवे प्रशासन और आरपीएफ द्वारा बुधवार को डीआरएम चौक से सटे इलाके में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया. इस अभियान में 50 वर्ष से बसे करीब एक दर्जन घरों को ध्वस्त कर दिया गया और खटाल को हटाया गया.
पीड़ित परिवारों का कहना है कि उन्हें लिखित नोटिस नहीं दिया गया,बल्कि मौखिक सूचना देकर अचानक कार्रवाई कर दी गयी. अब इस भीषण गर्मी में वे बाल-बच्चों को लेकर कहां जाएंगे.
रेलवे के बुलडोजर के आगे लेटकर कई बार महिलाओं और बच्चों ने अतिक्रमण हटाओ अभियान को रोकने की कोशिश की. लेकिन आरपीएफ और आईडब्लू अधिकारियों ने बताया कि रेलवे यहां कर्मचारियों के लिए भवन बनाने जा रही है. इसलिए अवैध घरों को हटाने की कार्रवाई हो रही है. इन्हें बसाने की योजना रेलवे के पास नहीं है.
दिलचस्प बात ये है की पिछले 50 वर्ष में अपनी जमीन को खाली कराने की याद रेलवे को नहीं आई. वहीं यहां बसे लोगों की तीसरी पीढ़ी पशुओं को रखकर दूध बेचकर अपने परिवार का गुजारा कर रहे थे. सवाल है कि इस गर्मी में ये परिवार अपने बच्चों को लेकर कहां जाएंगे.



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