सरायकेला में आदित्यपुर नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस द्वारा अंतिम समय में बदली गई रणनीति पार्टी के लिए घातक साबित हो रही है. बिना गठबंधन के चुनावी ताल ठोक लगातार सांगठनिक बैठक कर तैयारी में जुटी कांग्रेस नामांकन शुरू होने के बाद रणनीति बदलते हुए राजद उम्मीदवार को समर्थन देने वाली है. कांग्रेस आलाकमान के इस निर्णय से जिले के कांग्रेसियों में गहरा रोष है. कांग्रेस के कई चेहरे जो उम्मीदवार बनने की राह देख रहे थे, उनके मंसूबों पर पानी फिर गया है.
ऐसे में कांग्रेस से आदित्यपुर नगर निगम के अध्यक्ष पद की प्रबल उम्मीदवार रीतिका मुखी ने आलाकमान के निर्णय के विरूद्ध विरोध का बिगुल फूंक चुनाव मैदान में उतर गई हैं. उन्होंने सोमवार को अध्यक्ष पद का नामांकन पत्र भी खरीदा. उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि वह कांग्रेस से इस्तीफा देकर निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को गठबंधन कर दूसरे उम्मीदवार को समर्थन देना पड़ रहा है. इसका सीधा मतलब है कि कांग्रेस धराशायी हो चुकी है.
मालूम हो कि रीतिका मुखी वर्तमान में कांग्रेस की अनुसूचित जनजाति मोर्चा की जिलाध्यक्ष हैं. वह दो बार कांग्रेस की जिला महिला अध्यक्ष भी रह चुकी हैं. रीतिका मुखी के विरोध के बाद आने वाले दिनों में कई और कांग्रेसी नेताओं के विरोध के स्वर खुलकर सामने आ सकते हैं.



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