त्रिपुरा के 'लाल गढ़' में भगवा ध्वज फहराने के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने कर्नाटक का रुख कर लिया है. त्रिपुरा की तरह कर्नाटक में भी 'जीत' दोहराने के लिए आरएसएस ने बेंगलुरु में स्टेट हेडक्वार्टर में इमरजेंसी मीटिंग की. रविवार सुबह हुई इस मीटिंग में आने वाले चुनाव को लेकर 'संघ के प्लान' पर विस्तार से चर्चा हुई. मीटिंग में कुछ बीजेपी नेता भी मौजूद रहे.

एक बीजेपी नेता के मुताबिक, त्रिपुरा में मिली जीत से आरएसएस उत्साहित है. कांग्रेस या किसी अन्य क्षेत्रीय पार्टी को पराजित करने के लिए आरएसएस हमेशा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की मदद करने को तैयार रहती है. कर्नाटक चुनाव में भी बीजेपी की जीत हो, इसलिए आरएसएस ने बूथ मैनेजमेंट की जिम्मेदारी ली है. बता दें कि राज्य में अप्रैल-मई में चुनाव होने हैं.



बातचीत में बीजेपी नेता ने कहा, "आरएसएस हमारा वैचारिक प्रमुख है. इसने चुनाव लड़ने में हमेशा बीजेपी की मदद की है. ऐसा पहली बार है कि कर्नाटक चुनाव को लेकर आरएसएस ने बूथ मैनेजमेंट का फैसला लिया है. संघ का यह फैसला हमारे लिए राहत की बात है. इसके पहले संघ दूसरे तरीकों से पार्टी की मदद करता था."


कुछ संघी नेताओं ने कहा, "दरअसल, कर्नाटक में हम ज्यादातर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ नहीं हैं. वे भी अच्छे हिंदू हैं और आरएसएस के खिलाफ नहीं हैं. व्यक्तिगत रूप से हमारी उनके साथ कोई लड़ाई नहीं है. लेकिन, सिद्धारमैया कुछ अलग हैं. वो कम्युनिस्ट की तरह बर्ताव करते हैं. इसलिए हम उन्हें व्यक्तिगत और वैचारिक रूप से नापसंद करते हैं. इसलिए आरएसएस ने येदियुरप्पा को आगे कर सिद्धारमैया को सत्ता से हटाने का निर्णय लिया है."

कर्नाटक चुनाव को लेकर आरएसएस ने बीजेपी से कहा है कि वो अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और दलित वोट को तोड़ने का काम करे. ताकि, सिद्धारमैया के खिलाफ माहौल बनाया जा सके.

बीजेपी भी भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रही है. इस वजह से हम कुछ हद तक सूक्ष्म प्रबंधन (माइक्रो मैनेजमेंट) करना चाहते हैं. सभी आरएसएस स्वयंसेवक बीजेपी को वोट देते हैं, लेकिन बीजेपी के सभी वोटर्स आरएसएस से नहीं हैं. इसलिए हर बूथ पर हमारे अपने लोग हो, पार्टी के लिए यह बेहतर होगा."

आरएसएस के शीर्ष नेताओं में से एक दत्तात्रेय होसाबले भी कर्नाटक से हैं.होसाबले शिमोगा जिले से आते हैं, जहां से येदियुरप्पा और ईश्वरप्पा भी हैं. ऐसे में होसाबले अपने गृहनगर में बड़ी भूमिका निभाएंगे, क्योंकि वो राज्य के जातीय समीकरण से परिचित हैं. नागपुर में आरएसएस हेडक्वार्टर में संघ के शीर्ष नेताओं के साथ मीटिंग के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भगवा पार्टी निश्चित रूप से कर्नाटक में भी विजय हासिल करेगी.
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