कर्नाटक I कर्नाटक पुलिस को वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मामले में एक बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है. पुलिस विभाग के उच्च स्तरीय सूत्रों की मानें तो गिरफ्तार हुए संदिग्ध आरोपी केटी नवीन कुमार उर्फ होत्ते मंजा ने पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी है जो असली हत्यारों तक पहुंचने में पुलिस की बड़ी मदद कर सकती है.
नवीन कुमार को बेंगलुरु के मैजिस्टिक इलाके में मुख्य बस टर्मिनस के पास से सिटी पुलिस ने कुछ दिन पहले गिरफ्तार किया था. स्थानीय अदालत ने उसे पुलिस की स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (SIT) की हिरासत में भेज दिया था. यह एसआईटी गौरी लंकेश की हत्या की जांच कर रही है.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक नवीन कुमार के उग्र हिंदू संगठनों से काफी करीबी संबंध हैं और हिंदू देवी-देवताओं के अपमान को लेकर वह गौरी लंकेश से काफी नाराज भी था. वह मांड्या जिले के मद्दूर का रहने वाला है. कथित तौर पर उसने ही हत्या के अन्य दो संदिग्ध आरोपियों अभि और अनि को शूटिंग की ट्रेनिंग दी थी. वह अवैध हथियार खरीदने और बेचने के लिए अक्सर मुंबई और पुणे जाता था.
शुरुआती जानकारी के मुताबिक उसने कई आरोपियों और उग्रवादी संगठनों को हथियार बेचे हैं. पुलिस को शक है कि या तो वह सीधे तौर पर गौरी लंकेश की हत्या में शामिल था या फिर उसने असली हत्यारों को हथियार उपलब्ध करवाए थे. पुलिस के मुताबिक गौरी लंकेश के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हत्यारों में से एक नवीन कुमार की तरह दिखता है.
पुलिस ने आरोपी के पास से एक .32 बोर राइफल और 15 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. उसे पूछताछ के लिए एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है. हालांकि शीर्ष अधिकारी इस मामले में हुई डेवलपमेंट्स पर चुप्पी साधे हुए हैं और वे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं.
अगर पुलिस के हाथ एक बड़ा सुराग लगा है तो सिद्धारमैया सरकार को आगामी विधानसभा चुनाव में बड़ा राजनीतिक फायदा मिल सकता है. आरोपियों तक पहुंचने में देरी को लेकर राज्य सरकार की पहले ही काफी आलोचना हो रही है.
कन्नड़ टैब्लॉइड "गौरी लंकेश पत्रिके" की संपादक गौरी लंकेश की 5 सितंबर 2017 को बेंगलुरु में उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.



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