मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जज बीएच लोया की मौत पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ट्वीट कर प्रतिक्रिया दी. मुख्यमंत्री ने लिखा, 'जस्टिस लोया पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने एक बार फिर कांग्रेस के झूठ को उजागर कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने माना कि जस्टिस लोया की मृत्यु प्राकृतिक थी. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि जजों के बयान पर शक करना और सवाल उठाना न्यायपालिका की अवमानना के समान है'

इस मामले में कांग्रेस को घेरते हुए रघुवर दास ने लिखा, 'लोकतंत्र में राजनीतिक लड़ाई जनता के बीच जाकर लड़नी चाहिए. ये याचिका राजनीतिक हित साधने के इरादे से दायर की गई थी. एक परिवार की क्षति को राहुल गांधी और कांग्रेस ने भुनाने की कोशिश की, जो शर्मनाक है. राहुल गांधी को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए.'

दरअसल सीबीआई स्पेशल कोर्ट के जज बीएच लोया की मौत पर एसआईटी जांच की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. जज लोया की मौत की दोबारा जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई थीं. जिन पर 16 मार्च को सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला 19 अप्रैल तक के लिए सुरक्षित रख लिया था.

जज लोया की मौत 1 दिसंबर 2014 को नागपुर में तब हुई थी, जब वे अपने सहयोगी की बेटी की शादी में जा रहे थे. बताया जाता है कि जज लोया को कार्डिएक अरेस्ट (दिल का दौरा) आया था. नवंबर 2017 में जज लोया की मौत के हालात पर उनकी बहन ने शक जाहिर किया था.


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