राज्य के पुलिस आईजी आशीष बत्रा ने नक्सलियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि नक्सली अगर सरेंडर नहीं करेंगे और मुठभेड़ करना जारी रखेंगे तो उनका मारा जाना तय है. उनकी एक गोली का जवाब सुरक्षा बल के जवान दस गोली से देंगे. बता दें कि कि पिछले 4 माह में 17 नक्सली मारे जा चुके हैं. साथ भारी मात्रा में उनके हथियार भी बरामद किए गए हैं. उन्होंने कहा कि अब बचे नक्सलियों की बारी है.
पुलिस आईजी ने कहा कि नक्सली सारंडा और पोडाहाट जंगल के बाद कोल्हान जंगल में अपना पांव पसारने की तैयारी में हैं. नक्सलियों के इसी नए क्षेत्र में पिछले 25 दिनों से ऑपरेशन जारी है. इस ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों के बड़े नेताओं के साथ कई बार मुठभेड हो चुके हैं. लेकिन सुदुरवर्ती और दुर्गम क्षेत्र होने का फायदा उठा कर नक्सली हर बार भागने में सफल हो जा रहे हैं. पुलिस अब कोल्हान जंगल में नक्सलियों को घेरने के लिए और 7 नए कैंप बना रही है.
पुलिस आईजी ने नक्सलियों को युद्ध छेड़ने के बजाय समाज की मुख्य धारा में लौटने की भी अपील की. उन्होंने नक्सलियों को सरकार के पुनर्वास नीति का फायदा उठाने की सलाह दी. पुलिस आईजी ने सीआरपीएफ के डीआईजी राजीव रंजन, एसपी मयूर पटेल सहित पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारियों के साथ चाईबासा के सीआरपीएफ डीआईजी कार्यालय में दो घंटे तक ऑपरेशन की समीक्षा की.
पुलिस आईजी ने कहा कि नक्सली सारंडा और पोडाहाट जंगल के बाद कोल्हान जंगल में अपना पांव पसारने की तैयारी में हैं. नक्सलियों के इसी नए क्षेत्र में पिछले 25 दिनों से ऑपरेशन जारी है. इस ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों के बड़े नेताओं के साथ कई बार मुठभेड हो चुके हैं. लेकिन सुदुरवर्ती और दुर्गम क्षेत्र होने का फायदा उठा कर नक्सली हर बार भागने में सफल हो जा रहे हैं. पुलिस अब कोल्हान जंगल में नक्सलियों को घेरने के लिए और 7 नए कैंप बना रही है.
पुलिस आईजी ने नक्सलियों को युद्ध छेड़ने के बजाय समाज की मुख्य धारा में लौटने की भी अपील की. उन्होंने नक्सलियों को सरकार के पुनर्वास नीति का फायदा उठाने की सलाह दी. पुलिस आईजी ने सीआरपीएफ के डीआईजी राजीव रंजन, एसपी मयूर पटेल सहित पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारियों के साथ चाईबासा के सीआरपीएफ डीआईजी कार्यालय में दो घंटे तक ऑपरेशन की समीक्षा की.



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