झारखंड में झारक्राफ्ट कंबल घोटाला की जांच के लिए उद्योग विभाग ने सात जांच टीम का गठन किया है. प्रत्येक टीम में एक अध्यक्ष और तीन सदस्य हैं. महालेखाकार की जांच रिपोर्ट में पाई गई अनियमितता की बिंदुवार जांच का निर्देश दिया गया है. उद्योग विभाग ने देवघर, गोड्डा, लातेहार, रांची, लोहरदगा, पलामू, रामगढ़ के लिए जांच टीम गठित की है.

बता दे कि राज्य के कई जिलों में कंबल बने ही नहीं जबकि फर्जी कागजात बनाकर इसका उत्पादन दिखाया गया. कंबल घोटाले का पूरा खेल तब सामने आया, जब एजी की रिपोर्ट में कंबल वितरण में बड़ी अनियमितता दिखाई गई. दरअसल गरीबों के कंबल के लिए सरकार ने झारक्राफ्ट को लगभग दस लाख कंबल बनाने का काम दिया था. लेकिन झारक्राफ्ट के अधिकारियों ने एसएचजी और बुनकर सहयोग समितियों के साथ मिलकर कंबल बनाने के नाम पर करोड़ों का बड़ा घोटाला कर दिया.

महालेखाकार ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया था कि बगैर कंबल बने ही झारक्राफ्ट ने कंबल का वितरण दिखा दिया. महालेखाकार ने अपनी रिपोर्ट में उन बिंदुओं का जिक्र किया, जिससे साफ पता चलता है कि बड़े पैमाने पर घोटाले को अंजाम दिया गया. वहीं राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच का आदेश दिया था.
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