रांची स्थित झारखंड पुलिस मुख्यालय में एनआईए के डीजी योगेश चंद्र मोदी ने राज्य पुलिस के आला अधिकारियों के साथ बैठक की. एनआईए सूबे में करीब दर्जनभर केस पर काम कर रही है. उन केसों को लेकर बैठक में विशेष रूप से चर्चा हुई.

एनआईए की टीम आतंकी और नक्सल से जुड़े केसों पर झारखंड में काम कर रही है. एनआईए के डीजी योगेश चंद्र मोदी ने बताया कि जब तक किसी संगठन का आर्थिक स्रोत कायम रहता है तब तक वो संगठन जिंदा रहता है और इसे देखते हुए ऐसे संगठनों की संपत्ति को अटैच करने की कवायद लगातार चल रही है.

झारखंड के डीजीपी डीके पांडेय ने कहा कि प्रदेश में केंद्रीय एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल कर झारखंड पुलिस कार्य कर रही है और उन्हें सफलता भी मिल रही है.

आतंकी संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के सदस्य मंजर इमाम और दानिश रियाज को एर्नाकुलम की एनआइए अदालत द्वारा सजा सुनाये जाने पर एनआईए के डीजी योगेश चंद्र मोदी ने बताया कि कोर्ट से सजा दिलवाने के लिए एनआईए की टीम ने कड़ी मेहनत की थी. सभी जरूरी सबूत इकट्ठा किये गये थे ताकि किसी भी हाल में आरोपी बरी ना हो सके.



रांची के रहने वाले मंजर इमाम और दानिश रियाज को केरल स्थित आतंकी प्रशिक्षण केंद्र में शामिल होने और आतंकी साठगांठ में संलिप्त होने के मामले में एनआईए कोर्ट ने दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई.
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