पश्चिम बंगाल पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को 30 वर्षों के लिए लीज।
जिला में मुखिया मिसफिका ने की थी मुख्यमंत्री से दृपहल।
 पाकुङ(आमङापाङा)-
 बरसों से बंद पड़े पंचुवाङा नार्थ कोल ब्लॉक में माइनिंग फिर से शुरू होगी। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास, पाकुड़ के उपायुक्त दिलीप झा और इलामी की मुखिया मिसफिका के प्रयास से 1218 हेक्टेयर भूमि पर कोयला  खनन की स्वीकृति मिली है।
 उपायुक्त दिलीप कुमार झा ने बताया है कि 846.93 हेक्टेयर गैर वनभूमि व  371.07 हेक्टर वनभूमि क्षेत्र खनन क्षेत्र अंतर्गत आता है। पंचुवारा नॉर्थ कोल ब्लॉक में माइनिंग के लिए पश्चिम बंगाल पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को 30 वर्षों के लिए खनन पट्टा का लीज दिया गया है। झारखंड सरकार के उद्योग,खान एवं भूतत्व विभाग ने 371.07हेक्टेयर वन भूमि छोड़कर कोयला खनन पट्टा की स्वीकृति प्रदान की है। उपायुक्त दिलीप झा ने इस संबंध में संविदा पर मुहर लगा दी है। डीसी ने बताया कि खनन पट्टा 4 जून 2018 से 3 जून 2048 की अवधि के लिए दिया गया है। कोल ब्लॉक से कोयले का उत्खनन कर पश्चिम बंगाल के विभिन्न पावर प्लांट को कोयला आपूर्ति की जाएगी। निबंधन शुल्क में 17. 51 करोड रुपए प्राप्त होंगे ।  पहले बर्ष में सरकार को 30 करोड़ का राजस्व मिलेगा। जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट मद में 9 करोड़ तथा नेशनल मिनरल्स एक्सप्लोज़र टॉसिक मद में 60लाख मिलेंगे ।

    उपायुक्त श्री झा ने बताया कि इस स्वीकृति को प्राप्त करने में ईलामी की मुखिया मिसफिका का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने ने इस काम के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास से विशेष पहल की थी जिसे उन्होंने स्वीकार किया और अपने स्तर से केंद्र सरकार से वार्ता कर इस को अमलीजामा पहनाया है। कोयला खनन की स्वीकृति मिलने से जहां लोगों में हर्ष का माहौल है वही युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे ।
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