पूर्व मुख्यमंत्री व झारखंड विकास मोर्चा(जेवीएम) के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी भूख से मौत मामले पर रघुवर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि इस सरकार का विकास सिर्फ प्रचारों में दिखता है जबकि जमीनी सच्चाई कुछ और ही है.
पूर्व सीएम ने कहा कि पहले भी सूबे में भूख से मौत हो चुकी है. सिमडेगा, देवघर, धनबाद, पलामू के बाद अब गिरिडीह में मौत हुई है. गांवों में लोगों के घरों में खाने के लिए कुछ भी नहीं है. लोगों को काम नहीं मिल रहा और बाहर जाकर भी वे उतना ही कमा पा रहे हैं जितना में खुद का गुजारा हो सके.
बाबूलाल ने कहा कि जिस अफगानिस्तान में जाने के लिए लोग डरते हैं वहां गिरिडीह के बगोदर के लोग काम की तलाश में पहुंच गये. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सूबे में कितनी गरीबी है. उन्होंने कहा कि राज्य में जरूरतमदों को अनाज नहीं मिलता है. इसलिए ऐसी घटनाएं सामने आती हैं. 2019 में रघुवर सरकार को विदा करने के बाद यही अधिकारी और कर्मचारी गांव-गांव घुमकर काम करेंगे.
बता दें कि गत शनिवार को गिरिडीह के डुमरी प्रखंड में 58 साल की एक महिला की भूख से मौत हो गई. गांववालों के मुताबिक तीन दिन से उसके घर में अन्न का एक दाना नहीं था.



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