रांची के मिशनरीज ऑफ चैरिटी होम से बच्चा बेचने के मामले में पुलिस ने संस्थान की दो सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पहले स्टॉफ अनिमा, फिर सिस्टर कोंसीलिया को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. पुलिस के मुताबिक, इस सिलसिले में करीब डेढ़ लाख (एक लाख 49 हजार रुपये) भी बरामद किये गये हैं.

रांची के कोतवाली थानाप्रभारी श्यामानंद मंडल ने कहा कि अबतक की जांच में रांची के कांटाटोली व मोरहाबादी, सिमडेगा और यूपी में बच्चा बेचने का खुलासा हुआ है. अनिमा और सिस्टर कोंसीलिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. संस्थान के एक और सदस्य से इस सिलसिले में पूछताछ जारी है.

बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष रूपा कुमारी ने कहा कि अबतक की छानबीन में 6 बच्चों को बेचने की पुष्टि हो चुकी है. आगे इस संस्थान से जुड़े अन्य शाखाओं को भी जांच के दायरे में लाया जाएगा.

बता दें कि यूपी के सोनभद्र की एक दंपति ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी होम से एक लाख 20 हजार में एक बच्चा खरीदा था. पैसा चुकाने के बावजूद दंपति को बच्चा नहीं दिया गया. इसकी शिकायत दंपति ने बाल कल्याण समिति से की. समिति ने जब पूरे मामले की जांच की तो मिशनरीज ऑफ चैरिटी होम से बच्चा बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया.

मिशनरीज ऑफ चैरिटी होम में कुंवारी माओं को रखा जाता है और उनके बच्चों को सीडब्ल्यूसी के माध्यम से गोद दिया जाता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2016 में संस्थान में 108 कुंवारी माएं थीं. लेकिन संस्थान ने मात्र 10 बच्चों को ही गोद देने के लिए सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश किया. बाकी बच्चों का क्या हुआ, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है.
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