झारखंड के दुमका जिले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में कथित धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश के आरोप में 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार लोगों में सात महिलाएं हैं. सभी आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 295(A)/34 और झारखंड धर्म स्वतंत्र अधिनियम की धारा 4 के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा है.

जानकारी के मुताबिक, मामला नक्सल प्रभावित शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के आदिवासी बहुल गांव फूलपहाड़ी का है. आरोप है कि यहां ईसाई धर्म का प्रचार करने पहुंचे मिशनरियों ने ग्रामीणों का धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की. ग्रामीणों ने उन्हें बंधक बना लिया और पुलिस को सूचना दे दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

फूलपहाड़ी गांव के ग्राम प्रधान रमेश मुर्मू ने शिकारीपाड़ा थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई है. शिकायतकर्ता के मुताबिक, गुरुवार की शाम तकरीबन सात बजे एक मिनी बस पर सवार होकर सभी धर्म प्रचारक गांव पहुंचे थे. पूछने पर बताया कि उन लोगों को ऊपर से ही आदेश प्राप्त है. किसी भी गांव में कभी भी जाकर अपना काम कर सकते हैं.

ग्रामीणों के साथ थाना पहुंचे श्याम मरांडी ने कहा कि इन लोगों की मंशा रात में धर्म परिवर्तन कराने की थी, जो सफल नहीं हो सकी. उन्होंने कहा कि मिशनरियों ने फूलपहाड़ी गांव के बीच में माइक लगाकर ईसाई धर्म का प्रचार शुरू कर दिया. प्रचार के दौरान यह संदेश प्रसारित किया जा रहा था. वहीं, एक मिशनरी बिरेंद्र हेमब्राम का कहना है कि वो लोग सिर्फ ईसाई धर्म की अच्छी बातों को लोगों तक पहुंचाना चाहते थे.

वहीं, आरोपी धर्म प्रचारक बीरेंद्र हेम्ब्रम ने स्वीकार किया कि वे लोग अपनी पूरी टीम के साथ गांव में धर्म प्रचार करने आये थे. लेकिन बीरेंद्र ने यह भी कहा कि वे लोग जबरन धर्मान्तरण कराने का प्रयास नहीं कर रहे थे.

उधर, सदर थाना के इंस्पेक्टर रामपूजन सिंह ने कहा कि सभी 16 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. इन आरोपियों में 7 महिलाएं और 9 पुरुष शामिल हैं. फिलहाल मामले की जांच जारी है.
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