मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि 2022 तक झारखंड श्वेतक्रांति के माध्यम से दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर राज्य बन जाएगा. उन्होंने कहा कि वर्तमान में झारखंड में दूसरे राज्यों से 400 करोड़ रुपये का दूध आता है, यह पैसा हम बाहर नहीं जाने देंगे.

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को खेलगांव स्थित मेधा डेयरी प्लांट में कैटल फीड प्लांट का उद्घाटन किया. साथ ही प्रोडक्ट प्लांट का भी शिलान्यास किया. कैटल फीड के माध्यम से राज्य के सभी पशुओं को गुणवत्ता युक्त खाना देने की व्यवस्था की गयी है. इस मौके पर सीएम ने स्कूली बच्चों के लिए गिफ्ट मिल्क प्रोडक्ट का भी शुभारंभ किया. इसके
माध्यम से राज्य के सभी स्कूली बच्चों को सप्ताह में पांच दिन अलग-अलग फ्लेवर के दूध देने की योजना है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन राज्य की लाइफलाइन है. उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं को सरकारी नौकरी के भरोसे नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें पशुपालन आदि के माध्यम से रोजगार पैदा करने वाला युवक बनना चाहिए. मुख्यमंत्री ने इस मौके पर मेधा डेयरी और एनडीडीबी के साथ चल रहे करार को भी पांच साल के लिए बढ़ा दिया.

एनडीडीबी के अध्यक्ष दिलीप रथ को उन्होंने भरोसा दिया कि राज्य जब तक श्वेत क्रांति के लक्ष्य को पूरा नहीं कर लेता तब तक करार चलता रहेगा. उल्लेखनीय है कि एनडीडीबी राज्य में गोपालन, दूध उत्पादन सहित कई अन्य योजनाओं में राज्य सरकार की सहभागी है.
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