झारखंड में भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल को लेकर विपक्ष का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा. विपक्षी नेताओं ने इस बात का निर्णय लिया है. शुक्रवार को रांची स्थित कांग्रेस भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्षी नेताओं ने गुरुवार के झारखंड बंद को ऐतिहासिक करार दिया.

पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने ऐलान किया कि इस मुद्दे पर सरकार को मानसून सत्र में सदन में घेरा जाएगा. साथ ही 16 जुलाई को राजभवन के समक्ष महाधरना दिया जाएगा. सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार तानाशाही रुख अपनायी हुई है, जिसके खिलाफ विपक्षी दल चुप नहीं रहेंगे.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने सरकार के अड़ियल रवैये की जमकर आलोचना की और किसानों को धोखा देने का आरोप लगाया. प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात का भी ऐलान किया गया कि संयुक्त विपक्ष की टीम शुक्रवार को खूंटी जाएगी. वहां यह टीम पत्थलगड़ी और उससे उपजे हालातों का जायजा लेगी.

कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में जेएमएम, कांग्रेस, जेवीएम, वामदल और राजद के नेताओं ने गुरुवार के बंद को सफल बनाने के लिए जनता को धन्यवाद दिया.

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