राजधानी रांची में चिकनगुनिया के साथ-साथ डेंगू का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है.गौरतलब है कि अब तक राजधानी में सिर्फ रिम्स में ही 268 चिकनगुनिया रोगियों की पुष्टि रिम्स के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग कर चुका है जबकि 27 लोगों को डेंगू के साथ साथ चिकनगुनिया भी हुआ है वहीं 09 रोगियों को सिर्फ डेंगू हुआ है.शनिवार को भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में दस मेडिकल कैंप लगाकर रोगियों का इलाज तथा उनका सैंपल लिया गया वहीं झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी चिकनगुनिया प्रभावित हिंदपीढ़ी के वार्डों का दौरा किया तथा मेडिकल कैंप में चल रहे इलाज को देखा.
कई इलाके के दौरा करने के बाद बाबूलाल मरांडी ने सरकार की चिकनगुनिया से निपटने की कोशिशों को आधा-अधूरा बताते हुए व्यवस्था में और सुधार,साफ-सफाई के निगम की ओर से और अधिक कोशिश करने के साथ साथ पूरे राजधानी क्षेत्र में चिकनगुनिया और डेंगू की पहचान के लिए कैंप लगाने की मांग की. झाविमो नेता ने कहा कि जो परिस्थिति है उसमें अगर पूरे राजधानी क्षेत्र में कैंप लगाकर रोगियों की पहचान की जाए तो हजारों की संख्या में चिकनगुनिया-डेंगू के रोगी मिलेंगे.क्योंकि सरकार व स्थानीय पालिका प्रशासन राजधानी में साफ सफाई कराने के अलावा एंटी लार्वा दवाओं के छिड़काव में विफल रहा है



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