झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे लालू प्रसाद कोर्ट रूम में थोड़े परेशान दिखे. सरेंडर के बाद वे कोर्ट रूम में पूरी तरह खामोश बैठे रहे. कोर्ट रूम में उनके साथ राजद विधायद भोला यादव भी थे.
सरेंडर के बाद जब कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजने का आदेश दिया, तब भी लालू खामोश रहे. जज ने भी उनसे कुछ नहीं पूछा, ना कहा. इस दौरान पटियाला कोर्ट से जारी समन को लेकर वकील और जज में बात होती रही. लालू पूरी तरह खामोश रहे. कुछ देर बाद वह खड़े हुए और मोबाइल पर वॉट्सएप पर आयी समन की कॉपी दिखाई. फिर धीरे से कहा कि पत्नी, बेटा, बेटी सबको समन किया गया है, सबको कल जाना है. कोर्ट ने उन्हें बैठने को कहा. सारी औपचारिकता पूरी करने के बाद कोर्ट ने उन्हें जाने की अनुमति दी.
सभी लोग कोर्ट रूम से बाहर निकलने लगे. इस बीच लालू प्रसाद खड़े हुए और जज के सामने काफी धीमा स्वर में कहने लगे कि मेरा कोई दोष नहीं है. हमको फंसाया गया है. पूरे परिवार को फंसाया गया है. सब परेशान हैं. इस पर जज ने कहा कि ईश्वर हैं ना, सब ठीक करेंगे. इसके बाद लालू कोर्ट से निकल गए. लालू प्रसाद सरेंडर करने के लिए दिन 11 बजे कोर्ट पहुंचे थे. सीबीआई जज एसएस प्रसाद की अदालत में वह करीब एक घंटे तक रहे.
बता दें कि बीमारी के कारण लालू प्रसाद औपबंधिक जमानत पर थे. उन्होंने हाईकोर्ट में तीन माह की जमानत की अवधि बढ़ाने का आग्रह किया था, लेकिन हाईकोर्ट ने इस आग्रह को नामंजूर करते हुए 30 अगस्त तक सरेंडर करने का आदेश दिया था. लालू प्रसाद ने चारा घोटाले के दुमका, चाईबासा और देवघर कोषागार मामले में सरेंडर किया. चारा घोटाले के चार मामलों में लालू प्रसाद को सजा मिल चुकी है.
इससे पहले इलाज के लिए लालू प्रसाद को पहली बार हाईकोर्ट से 11 मई 2017 को औपबंधिक जमानत मिली थी. पहली बार उन्हें छह सप्ताह के लिए जमानत मिली थी. बाद में दो बार अवधि बढ़ाई गई. गुरुवार को सरेंडर करने के बाद लालू के वकील ने जज को बताया कि दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट से ईडी ने उन्हें समन जारी किया है. 31 अगस्त को उन्हें, उनकी पत्नी और बच्चों को हाजिर होना है. इस कारण उन्हें सरेंडर सर्टिफिकेट दिया जाए. इसके आधार पर उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में हाजिर होने से छूट मिल जाएगी.
इस पर जज ने कहा कि सरेंडर करने के आदेश की सत्यापित कॉपी निकाल सकते हैं. बाद में अदालत को बताया गया कि नियमों के अनुसार सत्यापित कॉपी आवेदन करने के दिन नहीं मिल सकती. इसके बाद कोर्ट ने पटियाला हाउस कोर्ट से जारी समन और एक शपथपत्र के साथ आवेदन देने को कहा है. आवेदन देने के बाद कोर्ट ने लालू प्रसाद को सरेंडर सर्टिफिकेट जारी कर दिया.
एसएस प्रसाद की कोर्ट से निकलने के बाद लालू प्रसाद सीधे सीबीआई के विशेष न्यायाधीश मार्तंड प्रसाद मिश्रा की कोर्ट में हाजिर हुए. डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में एमपी मिश्रा की कोर्ट में सुनवाई चल रही है. उसी सिलसिले में उन्होंने हाजिरी लगाई.



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