पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम जिले के 80 परिवार अपना घरवार छोड़कर झारखंड के चाकुलिया में शरण लिए हुए हैं. छोटे-छोटे बच्चों के साथ ये सभी परिवार चाकुलिया के धर्मशाला में पिछले 25 दिनों से हैं. ये वे परिवार हैं, जिन्होंने बीजेपी के उम्मीदवार के तौर पर वार्ड सदस्य चुने गये हैं.

इनका कहना है कि जबतक झाड़ग्राम जिले में पंचायत बोर्ड का गठन नहीं हो जाता, तबतक वे चाकुलिया में ही शरण लिए हुए रहेंगे. इनकी माने तो इन्हें टीएमसी कार्यकर्ता और बंगाल पुलिस का भय सता रहा है. इसलिए इन्होंने अपना गांव छोड़ दिया है. इनका आरोप है कि टीएमसी के लोग पुलिस के माध्यम से जबरन अपने पक्ष का प्रधान (मुखिया) और ब्लॉक मेयर चुनना चाहते हैं.

स्थानीय भाजपा नेता समीर मोहंती इन परिवारों को संरक्षण दिये हुए हैं. बता दें कि झाड़ग्राम के पंचायत चुनाव को लेकर बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट में मामला दर्ज कर रखा है, जिसके कारण पंचायत चुनाव होने के बाद भी अबतक प्रधान (मुखिया) और ब्लॉक मेयर बोर्ड का गठन नहीं हो सका है. जीतने वाले वार्ड सदस्यों के वोट पर ही इन दोनों पदों का चुनाव होना है. आरोप के मुताबिक टीएमसी प्रलोभन, भय और डर दिखाकर अपने पक्ष में बोर्ड गठित करना चाहती है.

शरण लेने वाले परिवारों की हालत चिंताजनक है. खाने-पीने की व्यवस्था तो स्थानीय बीजेपी नेता कर रहे हैं. लेकिन इन परिवारों को अपने गांव-घर की चिंता सता रही है. बच्चों के साथ आयी महिलाओं ने कहा कि बच्चों की पढाई बंद हो गयी है. घर में और भी सदस्य है, जिनकी चिंता उन्हें लगी रहती है. थाना से पुलिस आकर बार-बार घरवालों को डराने-धमकाने का काम करती है.
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