झारखंड में कैदियों के फरार होने की घटनाओं को लेकर रांची पुलिस सतर्क हो गई है. राजधानी में अब किसी कैदी के फरार होने पर संबंधित थाना प्रभारी पर भी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं. हाल ही में 13 जनवरी को ऐसा ही एक मामला सामने आया था जिसमें पुलिस तीन कैदियों को न्यायालय में पेशी के बाद लेकर जा रही थी. इस दौरान कैदियों ने पुलिस को चकमा दिया और फरार हो गए. मामले में अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं.

बता दें कि रांची में कैदियों के भागने का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है. पुलिस की लाख कोशिशों के बावजूद भी इस तरह की घटनाएं रूकने का नाम नहीं ले रही हैं. कभी कैदी रिम्स के वार्ड से फरार हो जाते हैं तो कभी न्यायालय परिसर से. लेकिन हद तो तब हो जाती है जब कैदी पुलिस सुरक्षा के बीच रहते हुए भी चकमा देकर फरार हो जाते हैं. 13 जनवरी को न्यायालय में पेशी के बाद 2 कैदियों को जेल जबकि एक नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजे जाने के क्रम में तीनों कैदी पुलिस को चकमा देकर कांटाटोली इलाके से फरार हो गए.

तीनों पर एक घर में करीब 10 लाख रुपए की चोरी का आरोप है. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीनों को गिरफ्तार किया था. भागने वालों में मोहम्मद कुर्बान और अजीमुद्दीन नाम के दो कैदी साथ ही एक नाबालिग भी शामिल है.

मामले में एसएसपी ने कार्रवाई करते हुए एएसआई युधिष्ठिर महतो और हवलदार सूर्यनाथ पाल को निलंबित कर दिया है. भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों इसके लिए थाना स्तर पर समूची सुरक्षा व्यवस्था करने का निर्देश जारी किया गया है. इसके लिए पुलिस केंद्रों को वाहन उपलब्ध कराने को कहा गया है. वहीं आनेवाले दिनों में अगर ऐसी घटनाएं फिर से होती हैं तो थाना प्रभारी पर भी कार्रवाई की जाएगी.

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