झारखंड के दुमका में एक लाख का इनामी नक्सली महाशय सोरेन ने सरेंडर कर दिया. संताल परगना के डीआईजी राज कुमार लकड़ा के सामने उसने आत्मसमर्पण किया. एसपी अमरजीत बलिहार हत्याकांड समेत 6 मामलों में पुलिस को उसकी तलाश थी.
समाहरणालय सभागार में आयोजित समारोह में डीसी मुकेश कुमार, एसपी वाईएस रमेश सहित एसएसबी के अधिकारी मौजूद थे. समर्पण के बाद आत्मसमर्पण नीति के तहत नक्सली कमांडर को एक लाख रुपये का चेक दिया गया. डीसी ने कहा कि आत्मसमर्पण नीति के तहत मिलने वाली तमाम सुविधाएं महाशय सोरेन को दिया जाएगा.
डीआईजी ने नक्सलियों से अपील की कि वे मुख्यघारा में लौटकर आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाएं और सामान्य जीवन बिताएं. महाशय सोरेन शिकारीपाड़ा थाना इलाके के शंकरपुर गांव का रहने वाला है. बता दें कि इससे पहले गत 13 जनवरी को शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में 10 लाख का इनामी नक्सली जोनल कमांडर शहदेव राय उर्फ ताला को मार गिराया गया. एक सप्ताह के भीतर उग्रवाद के खिलाफ दुमका पुलिस की ये दूसरी बड़ी सफलता है.



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