चुनाव आचार संहिता हटते ही राज्य में विकास की गति को तेज करने के लिए मुख्यमंत्री रघुवर दास सक्रीय हो गए हैं. इसी कड़ी में मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री रघुवर दास की मौजूदगी में कैबिनेट की बैठक हुई. जिसमें 25 प्रस्तावों पर मुहर लगी.
बंटवारा दस्तावेज के निबंधन पर मुद्रांक एवं निबंधन शुल्क कम करने के अलावा रघुवर कैबिनेट ने पैतृक या पारिवारिक संपत्ति के बंटवारा पत्र के निबंधन पर मुद्रांक शुल्क 50 पैसा और पैतृक या पारिवारिक संपत्ति के निबंधन पर निबंधन शुल्क 50 पैसा किए जाने को मंजूरी दी. इसके साथ ही कैबिनेट ने हाईकोर्ट के अनुसंशा पर 51 उप जिला जज को जिला जज में प्रोन्नति देने पर स्वीकृति प्रदान की.
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि गांव में भी शहर जैसी सुविधा उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य है. इसी को ध्यान में रखकर 14वें वित्त आयोग से प्राप्त राशि से गांव में स्ट्रीट लाइट, पेबर ब्लॉक और पानी की सुविधा दी जाएगी. सभी मुखिया अपने-अपने गांव में इस पर तेजी से काम करें. गांव में स्ट्रीट लाइट लगने से देर रात तक लोग अपना व्यापार कर सकेंगे.
अगले तीन-चार माह में बदली दिखेगी गांव की तस्वीर
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आवागमन में सुविधा होगी. गरमी में पानी की जरूरत पूरी हो सकेगी और कच्ची सड़कों पर पेबर ब्लॉक लगने से गंदगी भी कम होगी और गांव सुंदर भी दिखेगा. उक्त बातें उन्होंने झारखंड मंत्रालय में मुखिया संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान कहीं. सीएम रघुवर दास ने कहा कि जिन योजनाओं की स्वीकृति मिल चुकी है, उनपर तत्काल काम शुरू कर दें. अगले तीन-चार माह गांव की तस्वीर बदली हुई दिखेगी.
कैबिनेट बैठक में रघुवर दास ने कहा कि गांव समृद्ध होंगे तभी झारखण्ड समृद्ध होगा. इसी सोच के साथ हमारी सरकार काम कर रही है. विकास कार्यों में फंड के लिए इंतजार न करना पड़े इसलिए लाभुक समिति को 5 लाख तक के विकास कार्यों को स्वीकृत करने का अधिकार दे दिया गया है.
बैठक में पंचायती राज सचिव प्रवीण टोप्पो, निदेशक विनय कुमार राय, मुखिया संघ झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष विकास कुमार महतो, प्रदेश उपाध्यक्ष उदय कुमार सिंह, महेंद्र यादव, अजय टोप्पो, अर्जुन टोप्पो, अमित कुमार चौबे, सीमा कुमारी, सबिना हांसदा सहित अन्य मुखिया उपस्थित थे.



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