सोशल साइट पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में ऋचा पटेल झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी. ऋचा के मुताबिक वह निचली अदालत की कॉपी पाने का इंतजार कर रही हैं. अबतक उसे यह कॉपी नहीं मिली है. निचली अदालत ने उसे कुरान की पांच प्रतियां बांटने की शर्त पर इस मामले में जमानत दी है. प्रतियां बांटने के लिए उसे 15 दिन का समय दिया गया है. हालांकि ऋचा ने कुरान बांटने से इनकार कर दिया है.
सजा के तौर पर कुरान बांटना मंजूर नहीं
लाइव शो में ऋचा ने कहा,'बिना जांच के मेरे ऊपर कार्रवाई की गई, मुझे जेल भेज दिया गया. कोर्ट के फैसले का विरोध इसलिए कर रही हूं, क्योंकि यह मुझे सजा के तौर पर सुनाई गई है. कुरान का विरोध नहीं कर रही हूं. मेरे लिए जैसे गीता वैसे कुरान.'
ऋचा ने सवाल उठाते हुए कहा कि सजा किस बात की. पोस्ट मेरा नहीं था और उस पर मेरी टिप्पणी आपत्तिजनक नहीं थी, तो सजा किस बात के लिए. अपने वकील से बात की है. लोअर कोर्ट के फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करूंगी. अगर मेरी टिप्पणी से किसी को ठेस पहुंचा है, तो दूसरे समुदाय से इससे भी गंदे पोस्ट आते हैं. तब कार्रवाई क्यों नहीं होती है. पुलिस ने दबाव में आकर मेरे ऊपर कार्रवाई की. हालांकि मेरे साथ कोई गलत सलूक नहीं किया.



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