गिरिडीह के बगोदर थाना क्षेत्र के घोसको के पास कोनार सिंचाई परियोजना का नहर टूट गया. इसके चलते कई एकड़ धान और मकई के फसल बर्बाद हो गये. सीएम रघुवर दास ने एक दिन पहले ही हजारीबाग में इस परियोजना का उद्घाटन किया. कोनार सिंचाई परियोजना को पूरा होने में चार दशक लग गये. किसानों ने बताया कि रात में ही नहर का बांध टूट गया. इस वजह से कई एकड़ फसल बर्बाद हो गये. बगोदर के बीजेपी विधायक नागेन्द्र महतो ने इसको लेकर जांच की मांग की है.
41 साल बाद हुआ उद्घाटन
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 41 साल बाद बुधवार को हजारीबाग के बिष्णुगढ़ में कोनार सिंचाई परियोजना का उद्घाटन किया. इस परियोजना से राज्य के तीन जिलों हजारीबाग, बोकारो और गिरिडीह के लगभग 85 गांवों को सिंचाई की सुविधा मिल पाएगी.
राज्य की यह पहली सिंचाई परियोजना है, जिसके लिए 6 किलोमीटर की सुरंग बनाई गई. वर्तमान में कोनार टनल में पानी छोड़े जाने से 26 गांवों के 3401 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी. हालांकि इतने लंबे समय में रख- रखाव के अभाव में कई जगहों पर नहर टूट गया हैं और इसमें मिट्टी भी भरा गया. इसे सुधारने का काम किया जाएगा, ताकि परियोजना का लाभ किसानों को मिल सके.
1978 में रखी गई थी आधारशिला
इस परियोजना की आधारशिला 1978 में रखी गई थी. बिहार के तत्कालीन राज्यपाल जगन्नाथ कौशल ने शिलान्यास किया था. तब इसकी अनुमानित लागत 12 करोड़ बताई गई थी. 41 सालों में यह बढ़कर 2176. 25 सौ करोड़ पहुंच गई.



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