दुमका। कानून बनाकर तीन तलाक को अपराध का दर्जा दे दिए जाने के बाद भी इस कुप्रथा की आड़ में महिलाओं को प्रताडि़त करने का सिलसिला नहीं थम रहा है। ताजा मामला दुमका के शिकारीपाड़ा का है जहां मामूली विवाद के बाद एक महिला को पति ने तीन तलाक कहकर आधी रात को घर से निकाल दिया। शनिवार को महिला के परिजनों ने थाना जाकर लिखित आवेदन दिया। हालांकि महिला के अनुसार पुलिस ने जांच का नाम देकर अभी तक मामला दर्ज नहीं किया है।

पीडि़ता ने आवेदन में पति को तीन तलाक कहकर घर से निकालने व सास ससुर पर प्रताडि़त करने का आरोप लगाया है। पीडि़ता दुमका के शिकारीपाड़ा प्रखंड के शिवतल्ला गांव की रहने वाली है। पीडि़ता के पिता हबीब मियां ने बताया कि 2009 में उनकी बेटी सकीना का निकाह इसी प्रखंड के सिमरा गांव के करीम अंसारी के साथ हुआ था। शादी के 10 साल के दरम्यान सकीना को तीन बेटियां हुईं।

अभी दो साल से शौहर और बीबी के रिश्तों में खटास है। अक्सर दोनों के बीच किसी न किसी बात को लेकर कहासुनी हो जाती है। सास और ससुर भी उसे प्रताडि़त करते हैं। मामले को लेकर कई बार गांव में पंचायत भी हुई, लेकिन पति और ससुराल वालों के व्यवहार में बदलाव नहीं आया। आए दिन ससुराल वाले सकीना की पिटाई करने लगे। शुक्रवार की रात फिर मियां-बीवी में कहासुनी हुई और शौहर ने सकीना की जमकर पिटाई कर दी।

जब पिटाई से मन नहीं भरा तो सास ससुर के इशारे पर शौहर ने रात 11 बजे तीन बार तलाक कहकर सकीना को घर से निकाल दिया। सकीना ने बच्चों को साथ ले जाने का प्रयास किया तो शौहर ने बच्चों को जबरन अपने पास रख लिया। ससुराल से निकाले जाने के बाद रात को ही सकीना मायके चली आई। हबीब मियां के अनुसार शनिवार की सुबह सकीना के साथ परिजन थाना गए, लेकिन थाना प्रभारी के नहीं मिलने पर पुलिस ने आवेदन नहीं लिया। शनिवार देर शाम फिर थाना आने पर पुलिस ने लिखित आवेदन लिया।

महिला की ओर से लिखित शिकायत दी गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। केके ठाकुर, प्रभारी थानेदार, शिकारीपाड़ा, दुमका।
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