गुमला. 10 लाख का इनामी नक्सली जोनल कमांडर भूषण यादव ने डीआईजी अमोल विनुकांत होमकर के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. इस दौरान एसपी अंजनी कुमार झा और डीसी शशि रंजन भी मौजूद रहे. सरेंडर के बाद डीआईजी ने इनामी नक्सली को दस लाख रुपया का चेक सौंपा. भूषण यादव गुमला, लोहरदगा और लातेहार में कई बड़ी नक्सली घटनाओं को अंजाम दे चुका है. पुलिस की माने तो उसके सरेंडर करने से इस इलाके में नक्सलियों की स्थिति कमजोर हुई है.

भूषण यादव बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमिटी का जोनल कमांडर था. गुमला जिला पुलिस लाइन में उसने आत्मसमर्पण किया. डीआईजी एबी होमकर ने बताया कि 1995 से ही भूषण यादव नक्सली गतिविधि में शामिल रहा. उसके खिलाफ गुमला में 17, लातेहार में 5 और लोहरदगा में 2 मामले दर्ज हैं. इनमें से कुछ मामले पुलिस पर हमले से जुड़ा हुआ है. डीआईजी की माने तो भूषण यादव के सरेंडर से इलाके में माओवादियों की पकड़ कम होगी.

सरेंडर के बाद भूषण यादव ने कहा कि शुरुआती दौर में माओवादियों का एक सिद्धांत था, लेकिन अब केवल विकास में बाधा पहुंचाना और लेवी वसूलना काम रह गया है. इसी के चलते संगठन छोड़ने का मन बनाया. एक सवाल के जबाब में उसने कहा कि संगठन में महिलाओं व युवतियों का काफी शोषण हो रहा है. शीर्ष के नेता मौज-मस्ती का जीवन जी रहे हैं, जबकि उसके जैसे नक्सलियों की स्थिति काफी दयनीय है.
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