चाईबासा. विधानसभा चुनाव से पहले सारंडा और पोड़ाहाट जंगलों में जारी कॉम्बिंग ऑपरेशन में जिला पुलिस और सीआरपीएफ को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त प्रयास से माओवादियों के सबसे बड़े रिसोर्समैन करन सिंह मुंडा को गिरफ्तार किया गया. वह पोड़ाहाट जंगल में सक्रिय भाकपा माओवादी कमांडर जीवन कंडुलना का खास आदमी था.
ठेकेदारों से वसूलता था लेवी
चाईबासा एसपी इंद्रजीत महथा ने बताया कि करन सिंह मुंडा माओवादियों के लिए मजबूत स्तंभ था. उसके सहारे माओवादी दस्ता ठेकेदारों से लेवी वसूलता था. करन सिंह जनता के बीच रह कर माओवादियों को हर सूचना भेजता था. सारंडा-पोड़ाहाट में जारी विकास योजनाओं की भी पूरी जानकारी रखता था. लेवी नहीं देने वाले ठेकेदार के साइट पर वाहनों को जलाता था.
कई थानों में केस दर्ज
एसपी की माने तो करन सिंह पुलिस और सुरक्षा बलों की हर गतिविधियों पर भी नजर रखता था. और उनके मूवमेंट की जानकारी माओवादियों तक पहुंचता था. वह माओवादियों को सुरक्षा बलों के रास्ते में लैंड माइन्स बिछाने की भी सलाह देता था. इस तरह की कई घटनाओं में शामिल होने को लेकर उसके खिलाफ कई थानों में केस दर्ज हैं.
इससे पहले वीर सिंह मुंडा को चाईबासा पुलिस ने गिरप्तार किया था. वीर सिंह माओवादी कमांडर जीवन कंडुलना और कुचाई क्षेत्र में सक्रिय माओवादी कमांडर महाराज प्रमाणिक के बीच संपर्क सूत्र का काम करता था. एक महीने के अंदर माओवादी दस्ते के दो मददगारों को गिरफ्तार कर पुलिस और सीआरपीएफ ने माओवादियों को बड़ा झटका दिया है.



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