रांची। केंद्रीय कारा दुमका में उम्रकैद की सजा काट रहे गैंगस्टर अनिल शर्मा के खिलाफ सीआइडी रांची के पुलिस निरीक्षक महेश्वर प्रसाद रंजन ने दुमका के टाउन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। अनिल शर्मा पर जेल में रहते हुए रंगदारी मांगने, टेंडर मैनेज करने व हत्या की योजना बनाने का आरोप लगाया गया है। यह प्राथमिकी 29 सितंबर को दर्ज कराई गई है।
सीआइडी को सूचना मिली थी कि दुमका जेल में बंद अनिल शर्मा अपने सहयोगी डब्लू सिंह उर्फ डब्लू शर्मा व उसके अन्य सहयोगियों से लगातार संपर्क में है। सीआइडी की टीम 25 जून से ही अनिल शर्मा के मोबाइल पर नजर रख रही थी।
अरगोड़ा के रेलवे ठेकेदार की हत्या का था प्लान
सीआइडी की छानबीन में यह जानकारी मिली कि अनिल शर्मा ने छह जुलाई को अपने सहयोगी डब्लू शर्मा से बात की थी। प्लान बना था कि अरगोड़ा में रेलवे के ठेकेदार कमलेश सिंह की हत्या करनी है। कमलेश सिंह के घर की रेकी भी की गई थी। इस घटना के लिए पटना से शूटर भी बुला लिए गए थे और ठेकेदार की पहचान भी करवा दी गई थी। डब्लू शर्मा ने सात जुलाई को चटनी सिंह को भी इसकी जानकारी दी थी।
जेल से अक्सर बात करता रहा है अनिल शर्मा
जेल प्रशासन की सख्ती के दावों के बीच यह स्पष्ट हो गया है कि दुमका जेल से अनिल शर्मा अपने गुर्गों व परिवार के सदस्यों से लगातार बात करता रहा है। दो जुलाई को अनिल शर्मा ने अपने बेटे से 43 बार और पत्नी से 35 बार बात की थी। इस पूरी बातचीत का ब्योरा सीआइडी ने टाउन थाने को दिया है। सीआइडी ने दर्ज प्राथमिकी में यह भी बताया है कि अनिल शर्मा दुमका जेल में जिस सिमकार्ड का उपयोग करता है, वह पटना के चंदन कुमार के नाम पर है। यह सिमकार्ड आठ अप्रैल से सक्रिय है।



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