उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मथुरा दौरे के बाद अब वहां राम मंदिर निर्माण को लेकर मंथन शुरू हो गया है. पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ की अध्यक्षता में देश भर के वरिष्ठ धर्माचार्यों और साधु-संतों ने मंगलवार को दो दिवसीय गोष्ठी कर श्रीरामजन्मभूमि विवाद पर गहन मंत्रणा की. गोष्ठी में चर्चा के दौरान निर्वाणी अनी अखाड़ा के महंत और श्रीरामजन्मभूमि विवाद के प्रमुख पक्षकार धर्मदास महाराज ने बताया कि श्रीरामजन्मभूमि पर रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण जल्द ही शुरू हो जाएगा.

उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में मामले की 14 मार्च से सुनवाई है. शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह भावनाओं पर नहीं, बल्कि सबूतों के आधार पर फैसला करेगी.

श्रीमहंत धर्मदास जी महाराज ने बताया कि श्रीरामजन्मभूमि की जमीन राम लला के ही नाम है. उनके पास इसके पुख्ता साक्ष्य मौजूद हैं. ऐसे में श्रीरामजन्मभूमि का विवाद जल्द ही निपट जाएगा. इसके बाद ही वहां मंदिर का निर्माण प्रारंभ हो जाएगा.

एक सवाल के जवाब में श्रीमहंत धर्मदास ने कहा कि मथुरा की होली देव होली है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस आयोजन में शामिल होने से इसकी भव्यता में बढ़ोतरी हुई है. अयोध्या में दिवाली के अवसर पर मुख्यमंत्री की रही उपस्थिति को भी श्रीमहंत ने खूब सराहा.


उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सनातन धर्म को बढ़ावा दे रहे हैं. इससे प्रदेश में पयर्टन को भी बढ़ावा मिलेगा.

इस अवसर पर शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ ने बताया कि राम मंदिर निर्माण के लिए सभी संत एकमत हैं. दो दिवसीय गोष्ठी में सकारात्मक विचार आए हैं. जल्द ही संतों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करके इस संबंध में उन सब को भी अवगत कराएगा.

उन्होंने कहा कि योगी के मुख्यमंत्री बनने से देश के सनातनधर्मियों के बीच आशा की एक नई किरण जगी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में मंदिर निर्माण की सारी मुश्किलें शीघ्र ही दूर होंगी.
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