झारखंड के जमशेदपुर जिले में विभिन्न बैंकों एवं फाइनेंस कंपनियों से 40 लाख रुपये से अधिक राशि के गाड़ियों का फाइनेंस कर फर्जी तरीके से दूसरों को बेचने का मामला प्रकाश में आया है. इस मामले में फाइनेंस कंपनी और बैंक को चूना लगाने वाले व्यक्ति को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया गया है. जमशेदपुर विजया गार्डन के रहने वाले डी शेखर पिछले 7 महीनों में चार वाहनों को फाइनेंस कंपनी एवं बैंकों के माध्यम से फाइनेंस करवाया था.
इसके बाद नाम बदलकर डी शेखर सभी गाड़ियां बेच दिए. खरीदारों के नाम गाड़ी ट्रांसफर नहीं होने से उन्हें शक हुआ, तो ये फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आया. डी शेखर को फर्जीवाड़े के शिकार लोग बिष्टुपुर स्थित हुंडई शोरूम लाए.
शो रूम में कागज की जांच पड़ताल की गई. जिसमें डी शेखर ने सभी गाड़ियों को अपनी पत्नी के नाम ट्रांसफर करने का खुलासा किया. इसके बाद डी शेखर को पीड़ित व्यक्तियों और फाइनेंस कंपनी ने बिष्टुपुर पुलिस के हवाले कर दिया गया है.
इस संबंध में जानकारी देते हुए देना बैंक जमशेदपुर शाखा के मैनेजर का कहना है कि हमारे बैंक से लगभग 20 लाख रुपए का लोन डी शेखर को किया गया है. आवेदन के आधार पर हुंडई शोरूम को दो अलग वाहनों के लिए भुगतान किया गया था.
मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी का कहना है कि प्रथम दृष्टया में ये मामला फर्जीवाड़े का लगता है. फिलहाल पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है. जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.



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