राजमहल क्षेत्र के सांसद विजय हांसदा  ने बजट सत्र के दूसरे चरण में सदन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि देश की दामोदर घाटी निगम के अधिकांश ऊर्जा संयंत्र बीटीपीएस, बीटीपीएस 1, सिटीपीएस, सिटीपीएस 2, पनबिजली संयंत्र तिलैया स्थित एचपीएस, मैथन डैम स्थित एचपीएस, पंचेत स्थिति एचपीएस, झारखंड में स्थित है। जिनकी उत्पादन क्षमता 9191.7 मेगावाट है। 
आगे झामुमो के केंद्रीय उपाध्यक्ष-सह-सांसद विजय हांसदा ने कहा कि दामोदर सिंचाई योजना के बनाने में हजारों की संख्या में गांव झारखंड में उजड़े हैं। आज भी लाखों हेक्टेयर भूमि जल से प्लावित है। लाखों की संख्या में स्थानीय लोग अपनी जमीन से विस्थापित हुए हैं। इस दामोदर घाटी निगम की कार्य भूमि झारखंड है, जबकि इसका मुख्यालय कोलकाता में  कार्यरत है। 
सांसद श्री हांसदा ने खेद व्यक्त करते हुए सदन को बताया कि इसका मुख्यालय कोलकाता में रहने के कारण दामोदर घाटी के रखरखाव एवं समुचित कार्य करने में काफी दिक्कत होती है और इस वजह से झारखंड सरकार को बराबर का राजस्व नहीं मिल पा रहा है। 
उन्होंने सदन के माध्यम से अनुरोध किया कि दामोदर घाटी निगम का मुख्यालय कोलकाता से हटाकर झारखंड राज्य के किसी भी ताप एवं पन बिजली उत्पादन संयंत्र वाले जिले में स्थानांतरित किया जाए।
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