झारखंड मुक्ति मोर्चा के सांसद सुनील महतो हत्याकांड के लिए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने एनआईए जांच के लिए सिफारिश की है. इस मामले में दिवंगत सुनील महतो के परिवार वालों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर एनआईए जांच के लिए अनुरोध किया था. इस मामले में सांसद की पत्नी सह पूर्व सांसद सुमन महतो पिछले साल ही एनआईए जांच की मांग कर चुकी हैं. जिसका अनुमोदन वुधवार को मुख्यमंत्री ने किया है.
दस साल से सीबीआई कर रही है जांच
बता दें कि पिछले दस सालों की जांच के बावजूद सीबीआई इस हत्याकांड के हत्यारे का खुलासा नहीं कर सकी. यहां तक कि मुख्य आरोपी नक्सली राहुल के बंगाल में सरेंडर किए जाने के बावजूद सीबीआई उससे ये जानकारी नहीं ले सकी कि आखिर हत्या क्यों हुई और किसके इशारे पर की गई?
दिवंगत सांसद सुनील महतो की पत्नी सुमन महतो ने कहा कि दस साल से हत्या की जांच कर रही सीबीआई कुछ भी खुलासा नहीं कर सकी. इसीलिए मैंने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी कि मेरे पति की हत्या की जांच एनआईए से करवाई जाए. एक पत्नी होने के नाते मैं इतना जानना चाहती हूं कि मेरे पति के हत्यारे कौन लोग हैं.
क्या है मामला?
मालूम हो कि होली के दिन 4 मार्च 2007 को जमशेदपुर के तत्कालीन झामुमो सांसद सुनील महतो की नक्सली राहुल के दस्ते ने गोली मारकर उस समय हत्या कर दी थी जब वे घाटशिला के बाघुड़िया गांव में आयोजित फुटबॉल मैच में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे. उधर दिवंगत विधायक रमेश सिंह मुंडा हत्याकांड में एनआईए की जांच में राजा पीटर को जेल भेजने की कार्रवाई की. इसके बाद से ही सुनील महतो हत्याकांड को लेकर परिजनों को एनआईए से ही आस बंधी है. सीबीआई की सुस्त चाल से परिजनों का भरोसा उठ गया है.



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