पिछले दिनों जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक में तीन करोड़ की जालसाजी का मामला सामने आया था. वहीं अब जमशेदपुर के ही बैंक ऑफ इंडिया की टेल्को शाखा में 16 करोड़ के गबन का दूसरा मामला सामने आया है. इस बाबत सीबीआई रांची की आर्थिक अपराध शाखा ने मामला दर्ज किया है. मामला 2013 से 2015 के बीच का है. इस सिलसिले में एमएस फेमिका प्रेस इंस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड और अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
आरोप है कि एमएस फेमिका प्रेस इंस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने जिन कार्यों के लिए 16 करोड़ का लोन लिया था, वो कार्य किए ही नहीं, बल्कि 16 में से लगभग सात करोड़ की राशि का गलत इस्तेमाल किया. ये कंपनी टाटा मोटर्स की एक एंसिलियरी कंपनी है, जो टाटा मोटर्स के लिए मेटल शीट का निर्माण करती है. इस मामले पर बैंक ऑफ इंडिया की टेल्को शाखा के शाखा प्रबंधक अनिल कुमार ने बताया कि उनका हेड ऑफिस ही विषय पर कुछ बताने के लिए अधिकृत है.
जानकारी के मुताबिक कंपनी ने 16 करोड़ के लोन से ना तो कोई मशीन खरीदी और न ही बैंक को लोन वापस किया. इस सिलसिले में कंपनी के द्वारा बैंक को जिस एमएस सनमास मशीन एंड टूल्स, बैंगलुरू को मशीन सप्लायर बताया गया. जांच में पता चला कि यह कंपनी रियल स्टेट से जुड़ी है. ऐसे में बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से भी इंकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि कागजातों की जांच बैंक की भी जिम्मेदारी है.
इस बाबत बैंक ऑफ इंडिया के टेल्को शाखा के प्रबंधक ने बताया कि इस मामले को लेकर बैंक की अपनी जांच भी चल रही थी. इससे संबंधित सारे कागजात रीजनल हेड ऑफिस रांची को भेज दिये गए हैं.



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