नगर निकाय चुनाव की तिथि जैसे जैसे नजदीक आ रही है, वैसे वैसे मेयर और डिप्टी मेयर की सीट पर जीत का परचम लहराने के लिए राजनीतिक दलों ने अपनी ताकत झोंक दी है. झारखंड विकास मोर्चा ने बुधवार को कार्यकर्ता एवं बूथ कमिटी सम्मेलन किया जिसमें सभी नेताओं के निशाने पर भाजपा रही.

झारखंड में पहली बार दलीय आधार पर हो रहे नगर निगम के मेयर-डिप्टी मेयर और नगर परिषद-नगर पंचायत के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में जीत का परचम लहराने की कोशिश सभी पार्टियां कर रही हैं. भाजपा की नगर निकाय चुनाव में जीत के लिए मुख्यमंत्री से लेकर सरकार के सभी मंत्री-विधायक और संगठन लगा हुआ है तो बाबूलाल मरांडी की पार्टी भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती.

बुधवार को रांची के हरमू मैदान में झारखंड विकास मोर्चा के कार्यकर्ता एवं बूथ कमिटी सम्मेलन में झाविमो के सभी बड़े नेता मंच पर दिखे. झाविमो ने भाजपा के रांची मेयर-डिप्टी मेयर प्रत्याशी की पिछले कार्यकाल में आपसी झगड़े और होल्डिंग टैक्स से लेकर गंदगी तक के मुद्दों को उठाकर चुनाव जीतने की अपील की.

झारखंड विकास मोर्चा के सभी बड़े छोटे नेताओं के निशाने पर भाजपा रही. झाविमो नेताओं ने 16 अप्रैल को मतदान वाले दिन सुबह से ही बूथ पर डट जाने का मंत्र अपने कार्यकर्ताओं को दिया तो कल से अगले तीन दिन सिर्फ और सिर्फ झाविमो को देने का आह्वान किया. पार्टी के बड़े नेताओं ने कहा कि देश और राज्य की स्थिति खराब है और जनता ने भाजपा को परास्त करने का मन बना लिया है.

झारखंड में नगर निकाय चुनाव रोचक बन गया है. इसकी खास वजह यह है कि एक तरफ जहां सत्ता में होने के चलते भाजपा पर सभी पार्टियों का स्वाभाविक निशाना है तो दूसरी ओर सत्ताधारी दल की दो पार्टियां भाजपा और आजसू के साथ साथ विपक्ष की झामुमो-झाविमो, कांग्रेस और राजद भी चुनाव मैदान में हैं. निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों का आक्रामक चुनाव प्रचार का नतीजा तो मतगणना वाले दिन पता चलेगा पर एक बात तो साफ है कि निकाय चुनाव में सभी दलो के निशाने पर भाजपा ही है.
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