रांची के मोरहाबादी मैदान में गुरुवार को 32 आदिवासी जातियों ने महारैली कर आदिवासी समाज की ताकत दिखाई. इस दौरान सभी राजनैतिक पार्टियों के खिलाफ आवाज बुलंद किया गया.
आदिवासी बचाव समन्वय समिति के बैनर तले आयोजित इस महारैली में एक सुर से कुरमी और तेली जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की पहल का विरोध किया गया. कहा गया कि अंग्रेजों के जमाने में जब इन्हें अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की पहल की गई, तो समाज ने नकारा दिया. लेकिन वर्तमान समय में आरक्षण की वजह से सभी अनुसूचित जनजाति में शामिल होना चाहते हैं, जो गलत है.
कुरमी जाति को अनुसूचित जाति में शामिल किए जाने को लेकर पांच राजनीतिक पार्टियों की सहमति से नाराज आदिवासी समाज के लोगों ने जमकर नारेबाजी की. वही आदिवासी नेता और पूर्व विधायक देव कुमार धान ने कहा कि अब राजनीतिक दल के लोगों को आदिवासी इलाको में आने से भी रोका जाएगा. उन्होंने नारा देते हुए कहा कि जो आदिवासी हितों का ख्याल रखेगा वही प्रदेश में राज करेगा.
महारैली के मद्देनजर मोरहाबादी मैदान में सुरक्षा के चाक चौबंद इन्तजाम किए गये थे.



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