जेवीएम अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य के सभी नौकरियों को स्थायी निवासियों के लिए अगले 20 वर्ष तक के लिए आरक्षित करने की मांग की. पूर्व मुख्यमंत्री ने रघुवर कैबिनेट के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि झारखंड के तृतीय और चतु्र्थश्रेणी ही क्यों सभी तरह की नौकरियों को यहां के मूल निवासियों के लिए रिजर्व कर देना चाहिए.

उपचुनाव से जुड़े सवाल के जवाब में बाबूलाल ने कहा कि गोमिया और सिल्ली में महागठबंधन की जीत तय है और जरुरत पड़ी तो वह चुनाव प्रचार भी करेंगे. पूर्व सीएम को आजीवन आवास नहीं देने के सर्वोच्च न्यायालय के हालिया फैसले पर उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ एक चौकी रखने भर की जगह की जरुरत होती है और सरकार जैसा फैसला लेगी वह तैयार हैं.

उधर प्रदेश बीजेपी ने रघुवर कैबिनेट के उस निर्णय की तारीफ की है जिसमें गैर अनुसूचित जिलों में स्थानीय लोगों के लिए वर्ग तीन और चार की नौकरियां अगले दस वर्ष तक के लिए आरक्षित कर दी गयी हैं. प्रदेश संगठन मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि रघुवर सरकार का यह फैसला ऐतिहासिक है और विपक्ष  इस पर नकारात्मक राजनीति कर रहा है.

गौरतलब है कि सूबे के पलामू, गढवा, हजारीबाग , रामगढ , कोडरमा , चतरा , धनबाद , बोकारो, गिरिडीह और देवघर गैरअनुसूचित जिले हैं. इन जिलों में थर्ड एवं फोर्थ ग्रेड की नौकरियों को स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित कर दिया गया है. मंगलवार को रघुवर कैबिनेट ने इस पर मंजूरी दे दी.
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