झारखंड की राजधानी रांची में अपहरण की वारदात से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. मंगलवार रात ऑफिस से घर लौट रहे लेबर इंफोर्समेंट ऑफिसर का अपहरण कर लिया गया. इस मामले में अभी तक किसी भी तरह का फिरौती का कॉल नहीं आया है. घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस को घटनास्थल से अगवा ऑफिसर की बाइक बरामद हुई. पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है.
अपहरण के इस मामले में शक की सुई एक आदिवासी नेता पर जा रही है. पिछले दिनों मनोज कुमार की उससे झड़प हो गयी थी. मनोज कुमार ओरमांझी में पदस्थापित हैं और नामकुम क्षेत्र का भी प्रभार उनके पास है. उनके अपहरण को लेकर पुलिस ने कई टीमें गठित की हैं. बताया गया कि नामकुम थाना क्षेत्र के रिंग रोड स्थित खरसीदाग से अज्ञात अपराधियों ने मंगलवार की देर रात उन्हें अगवा कर लिया.
मनोज ने वाट्सएप के जरिये दोस्तों को अपने अपहरण होने की सूचना दी. दोस्तों ने मैसेज देखते ही उन्हें कॉल किया, लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ था. दोस्तों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. पुलिस का कहना है कि अपहरण के बाद अपराधी मनोज को ले जा रहे होंगे. इसी दौरान मनोज ने व्हाट्सऐप से मैसेज भेजा है. अपहर्ताओं ने उनका मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया होगा.
सूचना के मुताबिक पिछले दिनों मनोज कुमार की किसी आदिवासी नेता से झड़प हुई थी. उसने मनोज को अंजाम भुगतने की धमकी दी थी. पुलिस हर सिरे से मामले की जांच करने में जुट गयी है. पुलिस ने मनोज कुमार के मोबाइल को सर्विलांस पर डाल दिया है.
डीएसपी हेडक्वार्टर अमित कच्छप ने कहा कि मामले की जांच चल रही है. मनोज कुमार की रिहाई के लिए पुलिस की टीम संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.



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