धनबाद बार एसोसिएशन ने पोक्सो एक्ट के तहत जेल भेजे गए अधिवक्ता अश्विनी कुमार के समर्थन में बुधवार से न्यायिक कार्यो का बहिष्कार किया है. घटना की न्यायिक जांच की मांग को लेकर सड़क पर उतरे अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन के खिलाफ विरोध मार्च निकाला. धनबाद बार एसोसिएशन के इस हड़ताल में करीब 3500 अधिवक्ता शामिल हैं साथ ही किसी भी केस की पैरवी, सुनवाई, दलील, अपील और नोटरी पब्लिक सहित न्यायिक कार्य में भाग नहीं लेंगे.

बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया की इस मामले में पुलिस प्रशासन निष्पक्ष नहीं है. धनबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम गोश्वामी और महासचिव विदेश कुमार दा का आरोप है कि 27 अप्रैल को अधिवक्ता अश्विनी कुमार पर झूठे आरोप लगाकर एक नाबालिग बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. इन दिनों जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा बार बार अधिवक्ताओं का अपमान किया जा रहा है. इसके पूर्व भी सदर एसडीओ अनन्य मितल द्वारा अधिवक्ता के के तिवारी के साथ दुर्व्यवहार किया गया था.

इधर पीड़ित नाबालिग के समर्थन में बैंक मोड चैंबर और मारवाड़ी यूथ ब्रिगेड ने अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य को कानूनी प्रक्रिया पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है और प्रशासन की कार्रवाई को जायज बता रहे हैं.
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