खूंटी में अगवा जवानों की रिहाई पर सूबे के डीजीपी डीके पांडेय ने कहा कि यह रिहाई जनसहयोग से हुई है. उन्होंने पत्थलगड़ी नेता यूसुफ पूर्ति की गिरफ्तारी के सवाल पर भी यही जवाब दिया कि उनकी गिरफ्तारी भी जनसहयोग से ही होगी.
डीजीपी ने अपील करते हुए कहा कि खूंटी की जनता को सुरक्षा का वातावरण बनाने में प्रशासन को सहयोग करना चाहिए. साथ ही पत्थलगड़ी के नाम पर बरगलाने वालों से दूर रहें. डीपीजी ने कहा कि पत्थलगड़ी के नाम पर कुछ असामाजिक तत्व सूबे और विशेषकर खूंटी को पीछे करना चाहते हैं.
झारखंड पुलिस के प्रवक्ता आशिष बत्रा ने कहा कि यह रिहाई पुलिस की कार्रवाई के दबाव से संभव हो पायी. अब अगवा जवानों से छिने गये हथियारों की बरामदगी के लिए प्रयास जारी है. बतौर प्रवक्ता इस अभियान के दौरान गांववालों को समझाने का असर इस रूप में भी दिख रहा है कि कुछ गांवों में बैठक कर ये फैसला लिया गया है कि वे अब पत्थलगड़ी आदोलन का साथ नहीं देंगे.
आशिष बत्रा ने बताया कि तीन नहीं चार जवानों को अगवा किया गया था. रिहाई के बाद चौथे जवान के बारे में जानकारी मिली. उन्होंने ये भी कहा कि अब पत्थलगड़ी नेता यूसुफ पूर्ति को गिरफ्तार कर सजा दिलाई जाएगी, क्योंकि इस सबके पीछे उसी का हाथ है.



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